अमरजीत हत्याकांड : हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा तो, सीबीआइ जांच की मांग की गयी
Updated at : 21 Sep 2018 7:28 AM (IST)
विज्ञापन

भागलपुर : विगत 19 अप्रैल 2018 को शहर में हुए चर्चित अमरजीत हत्याकांड के दो नामजद आरोपितों को गुरुवार को हाइकोर्ट से जमानत मिल गयी. दोनों नामजद आरोपितों को हाइकोर्ट से जमानत मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाया है. उन्होंने कुछ दिन पहले ही आत्मसमर्पण करने वाले शहनवाज उर्फ लकी को […]
विज्ञापन
भागलपुर : विगत 19 अप्रैल 2018 को शहर में हुए चर्चित अमरजीत हत्याकांड के दो नामजद आरोपितों को गुरुवार को हाइकोर्ट से जमानत मिल गयी. दोनों नामजद आरोपितों को हाइकोर्ट से जमानत मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाया है. उन्होंने कुछ दिन पहले ही आत्मसमर्पण करने वाले शहनवाज उर्फ लकी को रिमांड में लेकर सार्वजनिक तौर पर पूरे मामले का खुलासा करने की मांग की है. अगर हत्या के कारणों को पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाती है, तो परिजनों ने मामले में सीबीआइ जांच की मांग करने की बात कही.
भागलपुर न्यायालय में जमानत अर्जी खारिज करने के बाद अमरजीत हत्याकांड के नामजद आरोपित अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक सोनी और रिंकू सिंह उर्फ राज कुमार सिंह ने पटना हाइकोर्ट में जमानत की अपील की थी. मामले में गुरुवार को अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक सोनी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की पीठ ने जमानत दी. रिंकू सिंह उर्फ राज कुमार सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय प्रिया ने भी रिंकू सिंह को जमानत दे दी.
पुलिस करे मामले का खुलासा नहीं, तो सीबीआइ जांच की मांग करेंगे परिजन. अमरजीत हत्याकांड के नामजद आरोपित अभिषेक सोनी और रिंकू सिंह को हाइकोर्ट से बेल मिलने के बाद अमरजीत के भाई अभिनय अंकुर ने बताया कि मामले में अभी तक पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा नहीं किया है. नामजद आरोपितों को बेल मिलने का साफ है कि मामले में पुलिस को अभी तक कोई ठोस कारणों का पता नहीं चला था. अभिनय ने बताया कि मामले के बाद अनुसंधान के दौरान उन्होंने पुलिस के वरीय अधिकारियों को हत्याकांड में शामिल संभावित लोगों के नाम दिये थे जिनसे अभी तक पुलिस ने पूछताछ नहीं की है.
उन्होंने मांग की है कि मामले के वांटेड अभियुक्त लकी द्वारा आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करे और पूरे मामले का खुलासा कर हत्या के कारणों को सार्वजनिक करें. अगर मामले में पुलिस ने हत्या के कारणों और हत्या के पीछे मौजूद लोगों के नामों को स्पष्ट नहीं कर पाती है, तो वह लोग मामले में सीबीआइ जांच की मांग करेंगे. मामले को लेकर वह लोग जल्द डीजीपी से मुलाकात करेंगे.
अभिषेक 19 अप्रैल व रिंकू सिंह नौ मई को हुए थे गिरफ्तार
विगत 19 अप्रैल 2018 को देर शाम अज्ञात अपराधियों ने मार्बल व्यवसायी अमरजीत राय उर्फ बिट्टू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. मामले में परिजनों ने दर्ज केस में पैसों और आपसी विवाद को आधार बनाकर अभिषेक सोनी और रिंकू सिंह को नामजद आरोपित बनाया था. पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही नामजद आरोपित अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अमरजीत हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर 10 मई 2018 को कैंडिल मार्च निकाला जाना था.
कैंडिल मार्च से एक दिन पूर्व 9 मई 2018 को मामले के दूसरे नामजद आरोपित रिंकू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में गोली मारने वाले शूटरों के रूप में एय्याज उर्फ नाढ़ा, आमिर और आसिफ की पहचान हुई. जबकि शेरू मियां की पहचान लाइनर के रूप में हुई. हत्या करवाने वाले और हत्या करने वालोें के बीच मध्यस्थता करवाने वाले अभिषेक के स्टाफ शहनवाज उर्फ लकी की भी पहचान कर ली गयी थी. 9 मई को ही शेरू मियां की गिरफ्तारी की गयी.
जिसके बाद नाढ़ा को पुलिस ने कहलगांव अनुमंडल से गिरफ्तार किया. नाढ़ा की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही आसिफ और आमिर ने भागलपुर न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया.15 सितंबर को मामले के वांटेड शहनवाज उर्फ लकी ने भी भागलपुर कोर्ट में आत्मसर्मपण कर दिया था.
चल रही है सुनवाई
मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट के बाद मामले पर सुनवाई चल रही है. मामले की जांच कर रही एसआइटी को लकी को रिमांड में लेकर पूछताछ की जायेगी. अभी तक मामले में आये नामों के विरुद्ध एविडेंस जुटा कर उनसे पूछताछ करने का निर्देश दिया गया है.
विकास वैभव, डीआइजी, भागलपुर रेंज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




