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नए साल पर वीटीआर में रोमांच, जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को बाघ, भालू, तेंदुआ का हुआ दीदार

Updated at : 01 Jan 2026 6:33 PM (IST)
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नए साल पर वीटीआर में रोमांच, जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को बाघ, भालू, तेंदुआ का हुआ दीदार

नए साल के पहले ही दिन बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

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बगहा. नए साल के पहले ही दिन बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इसी क्रम में गोबर्धना जंगल में की गयी जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, भालू, तेंदुआ, मोर के साथ-साथ हिरण और जंगली मुर्गा जैसे वन्यजीवों का नजदीक से दीदार हुआ. इस रोमांचक अनुभव से सैलानी बेहद उत्साहित और रोमांचित नजर आए. नववर्ष के मौके पर वीटीआर पिकनिक स्पॉट के रूप में तब्दील हो गया है. कल और परसों से ही देश-विदेश से पहुंचे सैलानी जंगल सफारी और गंडक (नारायणी) नदी सफारी का आनंद ले रहे हैं. वाल्मीकिनगर के मनोरम प्राकृतिक दृश्यों को देखकर पर्यटक एक स्वर में इसे ””बिहार का कश्मीर”” बता रहे हैं. इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित प. चंपारण जिले का वाल्मीकिनगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने सदाबहार जंगलों और पहाड़ों से घिरे वातावरण के कारण पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. नए वर्ष की शुरुआत में यहां लाखों की संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की सूचना है. वीटीआर में प्रवेश करते ही घने जंगलों के बीच हसीन और रोमांचक सफर शुरू हो जाता है. यह पर्यटन स्थल न केवल किफायती है, बल्कि रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन बन चुका है. धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों के लिए भी वाल्मीकिनगर खास महत्व रखता है. जंगल के बीच स्थित मदनपुर देवी स्थान, नरदेवी मंदिर, वन देवी मंदिर, जटाशंकर मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर, वाल्मीकि आश्रम, लव-कुश घाट और माता जानकी पाताल स्थल जैसे पवित्र स्थलों पर दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं. भारत-नेपाल के बीच बहने वाली नारायणी (गंडक) नदी दोनों देशों के प्राकृतिक सौंदर्य को और भी मनमोहक बनाती है. हिमालय की पहाड़ियों से घिरा यह इलाका पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है. यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए सरकारी और निजी स्तर पर उत्तम व्यवस्था की गयी है. वाल्मीकि बिहार फॉरेस्ट गेस्ट हाउस सहित कई होटलों और लॉज में सुविधाजनक आवास उपलब्ध है. कल-कल बहती नदियों के बीच बोट सफारी और घने जंगलों में जंगल सफारी के दौरान जलीय जीवों एवं जंगली जानवरों का दीदार प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और रोमांच से भरपूर इस इलाके में आकर पर्यटकों को जहां एक ओर सुकून मिलता है. वहीं दूसरी ओर मनमोहक नजारों को नजदीक से देखकर वे इस पल को यादगार बना लेते हैं. यही कारण है कि लोग साल में कम से कम एक बार वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जरूर पहुंचना चाहते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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