गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसानों का आक्रोश, गड़ौरा चीनी मिल की आपूर्ति ठप

Updated at : 08 Jan 2026 6:19 PM (IST)
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गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसानों का आक्रोश, गड़ौरा चीनी मिल की आपूर्ति ठप

बगहा -2 प्रखंड अंतर्गत दर्जनों किसानों ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित गरौरा चीनी मिल पर वर्षों से लंबित गन्ना बकाया भुगतान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है.

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हरनाटांड़. बगहा -2 प्रखंड अंतर्गत दर्जनों किसानों ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित गरौरा चीनी मिल पर वर्षों से लंबित गन्ना बकाया भुगतान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है. नौरंगिया चौक स्थित लोडिंग पॉइंट पर प्रदर्शनकारी किसानों ने गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों को कांटा परिसर में ही रोक दिया है. किसानों का आरोप है कि उनका लाखों रुपये का भुगतान पिछले नौ वर्षों से लंबित है.बकाया भुगतान नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने चीनी मिल को होने वाली गन्ना आपूर्ति पूरी तरह रोक दी है. नौरंगिया स्थित गड़ौरा चीनी मिल के कांटा परिसर में किसानों का प्रदर्शन पिछले 24 घंटे से लगातार जारी है. प्रदर्शनकारी किसानों ने गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों को कांटा परिसर में ही रोक दिया है, जिससे मिल को गन्ने की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है.प्रदर्शन में शामिल किसानों में उमाशंकर साहनी, कलाम मियां, मुन्ना अंसारी, परशुराम गुप्ता, धीरज गुप्ता, सुनील गोड़, मुमताज अंसारी और नेमा यादव सहित कई अन्य किसान शामिल हैं. किसानों का कहना है कि वर्षों से भुगतान नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है.घर-परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है.किसानों ने बताया कि बकाया भुगतान को लेकर उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ.आरोप है कि जब किसान चीनी मिल में भुगतान की मांग करने जाते हैं तो उन्हें धक्के मारकर भगा दिया जाता है. किसानों ने यह भी दावा किया कि कर्ज और आर्थिक तंगी के कारण कुछ किसानों की असमय मौत तक हो चुकी है. किसानों का आरोप है कि पिछले 24 घंटे के दौरान चीनी मिल प्रबंधन का कोई भी प्रतिनिधि उनसे बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है. इससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है. प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अगले 24 घंटे और इंतजार करेंगे. इसके बाद भी यदि मिल प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं आया, तो किसान वाहनों से गन्ना उतरवाकर उसे बेच देंगे और जितना बकाया है, उसी अनुपात में किसानों के बीच राशि का वितरण करेंगे. इस आंदोलन से गड़ौरा चीनी मिल की कार्यप्रणाली पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय समाजसेवी दिलीप कुमार राणा ने बताया कि समाजसेवी होने के कारण रोज मेरे दरवाजे पर दर्जनों किसान आ रहे हैं और अपनी दुखड़ा सुना रहे हैं.चीनी मिल ल प्रबंधन से आग्रह है कि किसानों का बकाया भुगतान कर दें ताकि उनकी माली हालत सुधर सके.

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