नरकटियागंज में सीओ बन ठगे 95 हजार, गोताखोर की नौकरी के नाम पर जालसाजी
Published by : SATISH KUMAR Updated At : 06 Jul 2025 6:21 PM
नरकटियागंज के डीके शिकारपुर गांव के छह गोताखोरों से अंचलाधिकारी (सीओ) बनकर 95 हजार रुपये की ठगी कर ली गई है.
नरकटियागंज. नरकटियागंज के डीके शिकारपुर गांव के छह गोताखोरों से अंचलाधिकारी (सीओ) बनकर 95 हजार रुपये की ठगी कर ली गई है. इस मामले में पीड़ितों ने शिकारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. ठगी की यह घटना 28 से 30 जून के बीच की है. सीओ बन कर रूपये ठगी करने का मामला सामने आने पर अंचल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया है. सीओ सुधांशु शेखर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिस व्यक्ति ने सीओ बन कर रूपये ठगी की उस पर और अकाउंट में पैसा जमा कराने वाले दो लोगो के विरूद्ध एफआईआर का निर्देश दिया है. वहीं शिकारपुर पुलिस एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई में जुट गयी है. मामले में गोताखोर मोटू सहनी, हीरालाल सहनी, विनोद सहनी, मनोज सहनी, दीपू सहनी व हिरामन सहनी ने एफआईआर में बताया कि 26 जून को उन्हें अंचलाधिकारी के नाम पर बुलाया गया. वहां उनसे फोटो और मोबाइल नंबर लिए गए और कहा गया कि जल्द ही गोताखोर के पद पर उनकी बहाली कर दी जाएगी. इसके बाद 28 जून को मोबाइल नंबर 8797287179 से फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को नरकटियागंज सीओ बताते हुए कहा कि वह बेतिया जा रहे हैं और सभी की नौकरी पक्की कराने के लिए काम कर रहे हैं. बदले में प्रत्येक से 20-20 हजार रुपये फोन पे के माध्यम से उसी नंबर पर भेजने को कहा गया. भरोसे में आकर सभी गोताखोरों ने कुल 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. जालसाजी करने वालों का जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
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सीओ सुधांशु शेखर ने दी कार्रवाई की जानकारी इस संबंध में अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि 27 जून को हड़बोड़ा नदी में चार बच्चों के डूबने की घटना के बाद, किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोताखोरों को कॉल कर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे पैसे ऐंठ लिए. सभी गोताखोरों ने ठगी की जानकारी पहले उनके नजीर को दी. नाजीर के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में लाया गया. बाद में एक गोताखोर के बेटे ने भी उनसे सीधे संपर्क कर पूरी जानकारी दी. सीओ ने तत्काल संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जांच के आदेश देते हुए दोनों पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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