NH पर सख्ती के बाद मंझौल-बखरी मार्ग पर बढ़ा भारी वाहनों का दबाव, साहेबपुरकमाल हादसे के बाद बदला ट्रकों का रूट

Edited by YUVRAJ RATAN
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सड़क पर ट्रकों का कब्जा

Begusarai News : घनी आबादी वाले इलाके में भारी वाहनों की तेज रफ्तार से ग्रामीणों में भय, सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी. नीचे पढ़िए बेगूसराय का पूरा मामला.

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बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai News : बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में तीन दारोगा समेत चार लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सघन जांच और निगरानी बढ़ाए जाने के कारण अब बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन वैकल्पिक मार्गों का सहारा ले रहे हैं. इसका सीधा असर राज्य राजमार्ग मंझौल–बखरी मार्ग पर देखने को मिल रहा है,जहां दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि खगड़िया की ओर जाने वाले अधिकांश ट्रक चालक राष्ट्रीय राजमार्ग को छोड़कर मंझौल, बखरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले राज्य मार्गों का उपयोग कर रहे हैं.

सड़क पर दौड़ रहे नियमों को ठेंगा दिखाते ट्रक, प्रशासन की चिंता बढ़ी

चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कई वाहनों में सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी की जा रही है. कई ट्रकों में न तो पीछे की बैक लाइट जल रही है और न ही साइड इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर लाइट लगी हुई है. रात के अंधेरे में ऐसे वाहन सड़क पर चलने वालों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बिना लाइट वाले ट्रकों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है. इससे दोपहिया और चारपहिया छोटे वाहन चालकों को अचानक दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है. कई बार पीछे से आने वाले वाहन चालकों को ट्रक का अंदाजा तब तक नहीं लग पाता,जब तक वे बेहद करीब नहीं पहुंच जाते. मंझौल,बखरी और आसपास के क्षेत्रों में सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है. इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं, किसान,व्यवसायी और आम लोग आवागमन करते हैं. भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.

ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और बिना लाइट वाले ट्रकों पर कार्रवाई की मांग तेज

ग्रामीणों के अनुसार सड़क पहले ही कई जगहों पर संकरी है,ऐसे में लगातार गुजर रहे बड़े ट्रकों से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन,परिवहन विभाग और पुलिस से मांग की है कि राज्य राजमार्गों पर भी विशेष जांच अभियान चलाया जाए. बिना बैक लाइट,साइड लाइट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के चलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो. साथ ही ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर भी नियंत्रण लगाया जाए,ताकि हाल के बड़े हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

सुरक्षा उपकरणों के बिना चल रहे भारी वाहन, हादसों को दे रहे न्योता

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी भारी वाहन में बैक लाइट,इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर का सही स्थिति में होना अनिवार्य है. विशेषकर रात के समय ये उपकरण दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. बिना लाइट वाले वाहन न केवल स्वयं खतरे में रहते हैं,बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जान भी जोखिम में डालते हैं. हालिया सड़क हादसे के बाद जहां प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर दिखाई दे रहा है. वहीं राज्य मार्गों पर बढ़ते भारी वाहनों के दबाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने एक नई चिंता खड़ी कर दी है. यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो मंझौल-बखरी मार्ग पर भी किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

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