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आयुर्वेद अस्पताल में भी बहाल होगी प्रसव की सुविधा

Updated at : 21 Nov 2019 6:43 AM (IST)
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आयुर्वेद अस्पताल में भी बहाल होगी प्रसव की सुविधा

बेगूसराय : राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में मरीजों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं. अब आयुर्वेद अस्पताल में भी शीघ्र ही बंध्याकरण तथा प्रसव आरंभ करने का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है. आयुर्वेद अस्पताल में बंध्याकरण तथा प्रसव आरंभ करने की ठोस भौतिक […]

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बेगूसराय : राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में मरीजों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं. अब आयुर्वेद अस्पताल में भी शीघ्र ही बंध्याकरण तथा प्रसव आरंभ करने का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है.

आयुर्वेद अस्पताल में बंध्याकरण तथा प्रसव आरंभ करने की ठोस भौतिक स्थितियों व मानव संसाधन का निरीक्षण करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के स्टेट प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ राजेंद्र चौधरी बेगूसराय आयुर्वेद कॉलेज पहुंचे.
इस अवसर पर उन्होंने सर्जरी विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, ऑपरेशन थियेटर तथा पैथोलॉजी विभाग का गहन निरीक्षण किया. मौके पर प्राचार्य डॉ उमाशंकर चतुर्वेदी, सर्जन मनीष कुमार आलोक, सीनियर रेंजीडेंट मेडिकल ऑफिसर दिलीप कुमार वर्मा ने उन्हें विभाग से संबंधित सारे संसाधनों के संबंध में पूर्ण जानकारी दी.
इस अवसर पर पैथोलॉजी विभाग के एसएन त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में आयुर्वेद अस्पताल में सुगर, हीमोग्लोबिन, सीटीबीटी, प्रेग्नेंसी, हेपेटाइटिस बी, इएसआर जैसे ब्लड से संबंधित जांच की सुविधाएं उपलब्ध है. मौके पर प्रोग्राम पदाधिकारी ने सर्जरी विभाग, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग,ऑपरेशन थियेटर में कार्यरत शल्य चिकित्सक, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में कार्यरत डॉक्टर तथा नर्स एवं अन्य कर्मियों की सूची भी तैयार की.
संबंधित विभाग को भेजेंगे प्रस्ताव, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, ऑपरेशन थियेटर आदि की सूची तैयार की
राज्य प्रोग्राम पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जल्द ही यहां भी बंध्याकरण एवं प्रसव की सुविधा बहाल हो इसके लिए वे संबंधित विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे.अस्पताल के निरीक्षण को जैसे ही राज्य कार्यक्र म पदाधिकारी परिसर में पहुंचे सभी स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने विभाग में डयूटी में मुस्तैद दिखने लगे.
निरीक्षण के दौरान पूर्व प्राचार्य डॉ विनोद पाठक, डॉ सीमांत सौरभ,डॉ बीके पांडेय,डॉ विजय बहादुर सिंह सहित दर्जनों चिकित्सक मौजूद थे.विदित हो कि वर्ष 2008 से कर्मियों एवं अन्य संसाधनों के अभाव में सीसीआईएम दिल्ली से उक्त कॉलेज पठन-पाठन के लिये छात्रों के नामांकन की मान्यता खो दिया था.
सिर्फ ओपीडी में रोगियांे का इलाज जारी था.कुछ माह पूर्व आयुष विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के संयुक्त साकारात्मक प्रयास से बिहार सरकार ने जरु री संसाधन व कर्मियों की पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति कर कॉलेज को मान्यता पठन पाठन की मान्यता दिलाया है.
इसके साथ ही अस्पताल के अच्छे दिन लौटने लगे हैं.अस्पताल में इंडोर इलाज भी आरंभ हो गयी है.रोगियों की भरती भी की जा रही है.साथ ही आयुर्वेद विद्या से होने वाले विभिन्न तरह के रोगों की सर्जरी भी की जा रही है.अब आयुर्वेद अस्पताल में बंध्याकरण एवं प्रसव कार्य भी आरंभ हो जाता है.इससे जिले को बड़ी आवादी को स्वास्थ्य सुविधा और अधिक सुलभ हो जायेगी.
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