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अनदेखी. चेकिंग में नहीं हो रही कागजात की जांच, हादसे का बना रहता है डर

Updated at : 01 Dec 2024 9:01 PM (IST)
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अनदेखी. चेकिंग में नहीं हो रही कागजात की जांच, हादसे का बना रहता है डर

अनदेखी. चेकिंग में नहीं हो रही कागजात की जांच, हादसे का बना रहता है डर

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बेरोक-टोक हो रहा जुगाड़ गाड़ी का परिचालन. पंजवारा. ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे जुगाड़ गाड़ी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है, बिना कागजात, बिना नंबर के ऐसे मोटरसाइकिल जुगाड़ गाड़ी के बेरोक-टोक व बेखौफ संचालन से कई तरह की परेशानियों के साथ हादसे की भी आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों की मानें तो बाइक से बनाया गया जुगाड़ गाड़ी के कागजात आदि की जांच नहीं की जाती है. जुगाड संचालकों को किसी भी तरह का खतरा नहीं साता है. इस बात का पता भी नहीं चल पा रहा है कि जुनाह गाड़ी में लगी बाइक चौरी की है या कागजात वाली है. इसमें चोरी की बाइक का भी हो इस्तेमाल हो सकता है. जुगाड गाड़ियों की वजह से प्रायः विभिन्न क्षेत्रों में दुर्घटना की वजह से के हादसे भी हो रहे है. बिना दस्तावेज सड़क पर दौड़ रहे जुगाड़ वाहन ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर कोयला, बालू, इंट, बांस तो कभी सरिया तथा अन्य सामान की धड़ल्ले की जा रही है रोड टैक्स नहीं देते वाहन चालक मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार जुगाडू किसी वाहन की श्रेणी में नहीं आने की वजह से संचालक को वाहनों के लिए रोड टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस आदि टैक्स से वंचित रहना पड़ता है. नये वाहन एक्ट के अनुसार सड़क पर बिना पजीकरण गाड़ी चलाना अपराध बताया गया है, प्रदूषण फैलानी वाली गाड़िया तो किसी भी परिस्थिति में फिट नहीं है, माल ढोने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. क्षेत्र में बाइक चोरी की घटना को देखते हुए बिना नंबर व कागजात का कोयला, बालू लेकर सड़क पर दौड़ रहे बाइक जुगाड़ गाड़ियों की प्रशासन को जांच करनी चाहिए. लगभग सभी थाना क्षेत्र में जुगाड़ चाहनों का प्रचलन ज्यात है. पर्यावरण प्रदूषण का भी है खतरा जुगाड गाड़ी न केवल दुर्घटना व अन्य मामले में प्रभाव हाल राय है. बल्कि इस गाड़ी से निकलने वाले धुआं भी पायर्यावरण की बिगाड़ रहा है. 10 से 15 साल पुराने स्कूटर व मोटर साइकिल के इंजन लगावे जाने की वजह से केरोसिन डाल कर भी चलाया जाता है. इस वजह से काला स्मोक लगातार लोगों के नाक में सीधे जा रहा है. 15 से 20 वाले 25 हजार रुपये की लागत से बनने जुगाड़ वाहन प्रति लीटर ईंधन में से 30 किलोमीटर दूरी सफर करता है. परिग सेट का इंजन लगाकर जुगाड़ वाहन तैयार कर लिया जाता है. कहते है अधिकारी. इस संबंध में पंजवारा थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है अगर ऐसी चीजें सामने आती है तो जांच करायी जायेगी. इसके बाद दोषी पर कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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