बांका थानाध्यक्ष व सअनि के विरुद्ध सम्मन जारी करने का आदेश

Published at :02 Aug 2016 5:58 AM (IST)
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बांका थानाध्यक्ष व सअनि के विरुद्ध सम्मन जारी करने का आदेश

पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के साथ घर में घुस कर गाली-गलौज व मारपीट के मामले में अदालत ने लिया संज्ञान बांका : बांका निवासी एवं पटना हाइकोर्ट के एक अधिवक्ता के साथ घर में घुस कर गाली गलौज तथा मारपीट करने के एक मामले में संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार […]

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पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के साथ घर में घुस कर गाली-गलौज व मारपीट के मामले में अदालत ने लिया संज्ञान

बांका : बांका निवासी एवं पटना हाइकोर्ट के एक अधिवक्ता के साथ घर में घुस कर गाली गलौज तथा मारपीट करने के एक मामले में संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता ने सोमवार को आरक्षी निरीक्षक सह बांका थानाध्यक्ष एस एन सिंह तथा इसी थाने के सहायक अवर निरीक्षक रणधीर सिंह के अलावा चार अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश होने के लिए सम्मन जारी करने का आदेश दिया है.
ज्ञात हो कि पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता तथा बांका सदर थाना अंतर्गत चकरतन सहरना गांव निवासी संजीव कुमार सिंह ने 20 मई को यहां मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में एक नालसी मुकदमा दायर किया था. दायर मुकदमे में परिवादी ने बांका थानाध्यक्ष एसएन सिंह तथा सहायक अवर निरीक्षक रणधीर सिंह एवं चार अज्ञात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया था कि 17 मई की दोपहर जब वह चकरतन सहरना स्थित अपने घर पर थे तब ये पुलिस अधिकारी और कर्मी एक बोलेरो वाहन से वहां पहुंचे और कहा कि हम न्यायालय का वारंट लेकर आये हैं.
आपके घर में अपराधी छिपा है. परिवादी ने जब कहा कि वे वारंट दिखाये क्योंकि हम भी पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं तथा हमारे घर में कोई अपराधी नहीं छिपा हैं. इस पर एसएन सिंह ने उनके साथ मारपीट करते हुए अन्य सहकर्मियों को घर की तलाशी लेने का हुक्म दिया. सभी मुदालय घर में घुस गये तथा घर की महिलाओं के साथ भी गाली गलौज किया. इसके बाद पुन: जब पुलिस अधिकारी से वारंट दिखाने की मांग करने लगे तो उन्होंने परिवादी के साथ बेरहमी से मारपीट की तथा धमकाया कि तुम्हारा सब वकालत भुला देंगे. इस परिवाद की सुनवाई बाद में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता ने की. सुनवाई करते हुए सोमवार को उन्होंने इस मामले में प्रथम दृष्टया तथ्यात्मक पुष्टि के आलोक में भादवि की धारा 323, 504, 506 तथा 452‍/34 के तहत संज्ञान लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में पेश होने का सम्मन जारी करने का आदेश दिया.
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