नदियां सूखी, बोरिंग फेल, रोपाई ठप

Published at :01 Aug 2016 5:47 AM (IST)
विज्ञापन
नदियां सूखी, बोरिंग फेल, रोपाई ठप

किसान परेशान . महज पांच दिनों की बरसात के बाद अचानक मौसम का बदला मिजाज जिले में पिछले दो साल से किसानों को नहीं मिला है डीजल अनुदान. इस बार भी किसानों को डीजल अनुदान पर ग्रहण लगने का भय सता रहा है. बांका : महज पांच दिन की बरसात के बाद से इंद्र भगवान […]

विज्ञापन

किसान परेशान . महज पांच दिनों की बरसात के बाद अचानक मौसम का बदला मिजाज

जिले में पिछले दो साल से किसानों को नहीं मिला है डीजल अनुदान. इस बार भी किसानों को डीजल अनुदान पर ग्रहण लगने का भय सता रहा है.
बांका : महज पांच दिन की बरसात के बाद से इंद्र भगवान ने अपनी नजरें क्या फेरी है, खेतों पर मानों कयामत आ गयी है. ऊपर से अधिकारियों की शामत के जबाब ही नहीं, तब ऐसे में तो रोपा कार्य ठप होगा ही. केंद्र से लेकर राज्य सरकार उन्नत कृषि को लेकर लगातार योजनाएं बना रही है. लेकिन अधिकारियों के मोटी चमड़ी की वजह से यहां के किसान भूखे मरने को तैयार है.
कर्जदारों के पास लगाने पड़ रहे हैं चक्कर
पिछले दो सालों से सरकार की ओर से निराशा हाथ लगने के बाद अब किसानों का मोह सरकार की ओर से भंग होने लगा है. किसानों का मानना है कि पहले तो प्रखंड से जिले तक के अधिकारियों के चक्कर लगाकर कागजात तैयार करना पड़ता है और फिर अनुदान की राह देखनी पड़ती है. ऐसे में काफी पैसा खर्च हो जाता है. पैसे खर्च करने के बाद भी सरकार जेबों में अनुदान का पैसा नहीं डालती. अगर पैसा देती भी है तो वह समय पर नहीं मिलता है तो ऐसे में कर्जदारों से ही पैसे लेने में भलाई है.
नहीं हो रही है वर्षा
17 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक जिस प्रकार से वर्षा हो रही थी उससे तो यही लग रहा था कि इस बार किसान अपने सारे कर्ज को ब्याज समेत साहुकार को वापस कर देंगे. लेकिन 22 जुलाई के बाद से वर्षा क्या रूकी है किसानों को कर्जदारों के पास फिर से अपने जमीन के कागजात रखने को मजबूर होना पड़ रहा है. किसान कर्जदारों के घरों के चक्कर लगा-लगा कर अपने तलबे घीसा रहे है कि किसी प्रकार कर्जदार उनको कुछ पैसे दे ताकि वह उन पैसे से डीजल खरीद अपनी फसल को बचा सकें. किसानों के सामने यह विकट समस्या है.
क्या कहते हैं किसान
चुटिया गांव के बुजूर्ग किसान जनार्दन मांझी का कहना है कि उनका गांव ओढ़नी और चांदन नदी के बीच में बसा हुआ है. साथ ही ओढ़नी नदी के दाहिनी ओर से जो नहर भी निकलती है. इसके अलावे भसौना बांध भी है. उन्होंने अपने पुराने दिन को याद करते हुए बताया कि उनके पास छह एकड़ जमीन है. पहले वह इन्ही संसाधनों से छह एकड़ जमीन की खेती करते थे. हर वक्त पानी का साधन उपलब्ध रहता था लेकिन आज की जो स्थिति है उससे किसी प्रकार से एक बीघे की खेती हो पायी है. डीजल खरीद कर खेती करने की झमता उनमें नहीं है.
अभी दो महीने तक नहीं मिलेगा अनुदान
सरकार ने जिले के लिए तीन करोड से अधिक की राशि डीजल अनुदान के लिए स्वीकृत कर दी है. उसका पहला किस्त भी जिले को मिल चुका है लेकिन फिर भी इस वक्त किसानों को डीजल अनुदान मिलने की संभावना नहीं दिख रही है. कृषि कार्यालय के अनुसार उनके कई पदाधिकारी और कर्मचारी श्रावणी मेले की ड‍्यूटी में लगे हैं. मेले के समापन के बाद कर्मचारियों के काम पर लौटने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत जिला कृषि पदाधिकारी, बांका सुदामा महतो ने कहा कि श्रावणी मेले में कर्मचारियों को लगाया गया है लेकिन हमारे कामों में किसी प्रकार की रूकावट नहीं है.
डाड़ में भी नहीं आ रहा है पानी
वर्षा नहीं होने की वजह से तालाब और नदियों सुखी है. इनही कारणों से डाड़ में भी पानी नहीं आ रहा है. जिले से होकर ओढनी, चांदन, बडुआ, चीर, सुखनीया सहित अन्य नदिया बहती है. उन नदियों में हमेशा पानी बहता था जिस कारण पहले समय से खेती होती थी. पहले बोरिंग और डाड़ फेल नहीं हुआ करता था.
किसान खुद से अपने खेतों की सिंचाई कर लिया करते थे लेकिन पिछले तीन चार सालों में नदियों से लगातार हो रहे अंधाधून बालू उठाव की वजह से नदियों से बालू गायब हो चुका है और नदियां काफी गहरी हो गयी है. नदियों में बालू नहीं रहने की वजह से अब पानी ठहर नहीं रहा है. बालू उठाव होने की वजह से किसानों के सामने एक और समस्या यह उत्पन्न हो गयी है कि नदियों से निकलने वाली डाड़ ऊंची हो गया है और नदी गहरी, जिस कारण नदियों का पानी डाड़ होकर किसानों के खेतों में नहीं पहुंच पा रहा है. बालू उठाव होने की वजह से ही जिले का जलस्तर लगातार नीचे पहुंच रहा है. जिस कारण चापाकल और बोरिंग फेल हो रहा है.
प्रखंडों के लिए आवंटित राशि
अमरपुर 2177262 रुपये
बांका 1850673 रुपये
बाराहाट 1632947 रुपये
बौंसी 1741810 रुपये
बेलहर 1959536 रुपये
चांदन 1850673 रुपये
धोरैया 2177262 रुपये
कटोरिया 1741810 रुपये
फुल्लीडुमर 1197494 रुपये
रजौन 1959536 रुपये
शंभूगंज 2068399 रुपये
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन