बांका में देसी गायों की 40 डेयरी की होगी स्थापना

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 27 Jul 2024 12:18 AM

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सात निश्चय-टू अंतर्गत देसी गो-पालन प्रोत्साहन योजना के तहत जिले में 40 देसी नस्ल गायों की डेयरी इकाई की स्थापना होगी. इसके लिए अनुदान के तौर पर 72 लाख 49 हजार 500 रुपये की बड़ी राशि खर्च की जायेगी.

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बांका.सात निश्चय-टू अंतर्गत देसी गो-पालन प्रोत्साहन योजना के तहत जिले में 40 देसी नस्ल गायों की डेयरी इकाई की स्थापना होगी. इसके लिए अनुदान के तौर पर 72 लाख 49 हजार 500 रुपये की बड़ी राशि खर्च की जायेगी. यह लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूरा किया जायेगा. इसके लिए राज्य मुख्यालय से बांका जिले का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है. इसके लिए किसानों को डेयरी स्थापित करने के उपरांत 50 से 75 प्रतिशत अनुदान की राशि मुहैया करायी जायेगी.

जानकारी के मुताबिक, सूबे की सरकार ने किसान, पशुपालक व बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए देसी गो-पालन प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है. इस योजना से न सिर्फ रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि देसी गायों की संख्या में वृद्धि होगी. साथ ही पौष्टिक दूध के उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की जायेगी. दरअसल, देसी गाय पालने के प्रति पशुपालकों और खासकर किसानों की दिलचस्पी कम होती जा रही है. इसे देखते हुए साहिवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों के पालन के प्रति किसानों को योजना से प्रेरित किया जायेगा.

दो से चार गायें प्रति इकाई मिलेंगी

देसी गायों के विकास के लिए सभी वर्ग के कृषक, बेरोजगार, युवक-युवतियों को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा. इस उद्देश्य से गव्य विकास विभाग दो से चार गाय प्रति डेयरी इकाई स्थापना के लिए देगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 15 डिसमिल अपनी जमीन या लीज की जमीन होनी चाहिए.

ढाई से पांच लाख तक का आयेगा खर्च

देसी गो-पालन योजना के तहत विभिन्न इकाई स्थापित करने में ढाई से पांच लाख तक का खर्च आयेगा. हालांकि, सरकार की ओर से अनुदान का भी प्रावधान है. जानकारी के मुताबिक, दो देसी गायों की डेयरी स्थापित करने में 2 लाख 42 हजार और चार गायों की एक इकाई डालने में 5 लाख 20 हजार की राशि खर्च होगी. अनुदान का लाभ लेने से पहले लाभुक को स्वयं की लागत से डेयरी स्थापित करनी होगी. साथ ही प्रमुख तीन कार्यों में शामिल शेड, गाय क्रय के साथ बीमा भी कराना पड़ेगा. इसके बाद ही अनुदान की राशि लाभुक के खाते में दी जायेगी. हालांकि, जिन लाभुकों के पास स्वयं की इतनी बड़ी धनराशि खर्च करने का सामर्थ्य नहीं है, वे बैंक से इस आवेदन के आधार पर योजना का 90 प्रतिशत ऋण प्राप्त कर सकते हैं. डेयरी स्थापित होने के बाद विभाग से 50 या 75 प्रतिशत अनुदानित राशि सीधे बैंक को मुहैया करा दी जायेगी. आवेदक को ऋण की राशि तीन साल के अंदर बैंक को चुकानी होगी.

15 अगस्त से लिया जायेगा आवेदन

देसी गो-पालन प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों, पशुपालकों व बेरोजगार युवक-युवतियों को इसका लाभ दिया जाना है. इसके लिए अनुदान की भी व्यवस्था की गयी है. 15 अगस्त से विभागीय पोर्टल पर आवेदन लेना प्रारंभ हो होने का अनुमान है. इस योजना का लाभ जीविका, सुधा मेंबर व विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों को प्राथमिकता के साथ दिया जायेगा. जल्द ही 60 लोगों का एक जत्था प्रशिक्षण के लिए सिलिगुड़ी भेजा जायेगा. इच्छुक लोग प्रशिक्षण के लिए वेबसाइट पर आवेदन दे सकते हैं.

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