कर्मयोगी का सम्मान होगा, कर्मभोगी का नहीं : उपमुख्यमंत्री

Updated at : 26 Jun 2025 7:20 PM (IST)
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कर्मयोगी का सम्मान होगा, कर्मभोगी का नहीं : उपमुख्यमंत्री

डिप्टी सीएम ने किसानों से किया खुला संवाद, फिर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

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डिप्टी सीएम ने किसानों से किया खुला संवाद, फिर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टाउन हॉल में गुरुवार को किसान कल्याण संवाद एवं युवा किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा शामिल हुए और खेती-बाड़ी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसानों से खुला संवाद किया. उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री इस दौरान न सिर्फ किसानों की समस्याओं से अवगत हुए, बल्कि उसका सुझाव जानते हुए समाधान कराने का प्रयास भी किया. किसानों ने बीज, खाद, उत्पादन सहित अन्य समस्या से जुड़ी समस्याएं रखी. इसपर उपमुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित पदाधिकारियों से उसका जवाब सुना. पदाधिकारियों ने न केवल सरकारी ब्योरा की जानकारी दी, बल्कि किसानों के हित में भविष्य की दिशा भी स्पष्ट की. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कृषि समन्वयकों व किसानों को प्रशस्ति पत्र आदि देकर सम्मानित किया गया. डिप्टी सीएम ने कहा कि कर्मयोगी का सम्मान होगा, कर्मभोगी का नहीं. कृषि सलाहकार और समन्वयक एक सप्ताह तक क्षेत्र भ्रमण कर किसानों की शिकायतों को दर्ज कर समाधान की पहल करें. डीएपी खाद की किल्लत की शिकायत पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे. सभी प्रखंडों से पर्याप्त खाद की उपलब्धता रहेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खुला संवाद हो रहा है, तो सोच भी सकारात्मक होनी चाहिए. पहली बार बिहार में इस तरह का संवाद हो रहा है जो सुधार और बदलाव की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है. बीज की समय पर आपूर्ति, कोल्ड स्टोरेज की स्थापना (35 प्रतिशत अनुदान पर) और बाजार समिति के पुनर्गठन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की. कहा कि किसान कर्मयोगी हैं, उनका सबसे पहले सम्मान होना चाहिए. कभी बिहार शिक्षा और कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में अग्रणी था, लेकिन अब पीछे रह गया है. बिहार बढ़ेगा, तभी देश बढ़ेगा. कृषि ही बिहार की गौरव को लौटा सकती है. उन्होंने चौथे रोडमैप की बात करते हुए कहा कि आज कृषि बजट 3600 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पहले सिर्फ 20 करोड़ था. बजट बढ़ा है तो असर भी दिख रहा है. डिप्टी सीएम ने जातिवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब सिर्फ चार जात किसान, महिला, युवा और गरीब की बात होगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सम्मान दिया और गरीबों को श्रमिक कहा. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किसानों के हित में काम किया जा रहा है. शत प्रतिशत कृषि भूमि पर खेती सुनिश्चित की जाएगी. किसान का बेटा किसान बनने से क्यों भाग रहा है? इस सवाल के माध्यम से उन्होंने किसानों की प्रतिष्ठा बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि अपनी विरासत का सम्मान करेंगे, धरती की पहचान बनाएंगे. संवाद का समापन करते हुए डिप्टी सीएम ने एक पारिवारिक संकल्प का आह्वान किया. इसमें मेरा परिवार डिजिटल साक्षर हो, स्वरोजगार प्रेरक और रोजगार सृजनकर्ता हो, सेवा भाव और सामाजिक नेतृत्व से ओतप्रोत हो, नशा, अपराध, बाल श्रम, बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों से मुक्त हो, जल संचय, प्रकृति और विरासत से युक्त हो आदि शामिल है. उन्होंने कहा कि एक नया वातावरण बन रहा है. हमें अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना होगा और जैविक खेती व डिजिटल ताकत से किसान को सशक्त करना होगा. किसान कल्याण संवाद एवं युवा किसान सम्मान समारोह के बाद उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक निर्देश दिया. कहा कि सरकार द्वारा किसानों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलायें. क्षेत्र की डिमांड के अनुसार बीज आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करें. मौके पर कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारियों के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र चंद्रवंशी, रेडक्रॉस चेयरमैन सह भाजपा महामंत्री सतीश कुमार सिंह, चंदन सिंह, सुरेंद्र गुप्ता, अशोक कुमार सिंह, सुनील शर्मा, पुरुषोतम कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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