महाराष्ट्र में 65 साल के मजदूर ने किया 4 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, फिर हत्या

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पुणे में 4 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, फिर हत्या के बाद जांच शुरू

POCSO Act : महाराष्ट्र के पुणे जिले के भोर तहसील में एक 65 साल के मजदूर ने चार साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके बाद बच्ची की हत्या कर दी. उस मजदूर ने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ किया था.

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POCSO Act : पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बच्ची का पहले यौन उत्पीड़न किया गया उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश था, जिसकी वजह से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों पर यौन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित शक्ति अधिनियम को लागू करने के मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का भी आरोप लगाया.

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में 15 दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा और इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में होगी. यह घटना भोर तहसील के एक गांव में हुई.अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को कथित तौर पर खाना दिलाने का लालच देकर फुसलाया और वह उसे मवेशियों के बाड़े में ले गया जहां उसने उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी हत्या कर दी. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची के लापता होने पर उसके रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और इसी दौरान एक निजी आवास के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी, बच्ची के साथ नजर आया जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न और उसकी हत्या के मामले को भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के अनुसार दर्ज किया गया है. इस घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया है और सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस थाने पर पर एकत्र होकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. बाद में लोगों की भीड़ ने मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को जाम कर दिया जिससे यातायात बाधित हो गया. पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने लोगों को आश्वासन दिया कि मामले में 15 दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा और सुनवाई त्वरित अदालत में होगी.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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