नकली पनीर पर महाराष्ट्र ने दिखाई सख्ती, इसे बनाने और बेचने पर उम्र कैद की भी हो सकती है सजा

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नकली पनीर बनाने और बेचने पर महाराष्ट्र सरकार ने लगाई रोक

महाराष्ट्र में डुप्लीकेट और नॉन डेयरी पनीर बनाने, बेचने पर होगी कार्रवाई.नियम तोड़ने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

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Duplicate Paneer Bans: डुप्लीकेट और नॉन डेयरी पनीर की बिक्री के खिलाफ महाराष्ट्र में बड़ा फैसला लिया गया है. फूड सेफ़्टी कमिश्नर तुकाराम मुंडे के आदेशानुसार नॉन डेयरी पनीर पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. वहीं, नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है. जिसमें उम्र कैद की सजा भी शामिल है.

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

महाराष्ट्र में नकली पनीर बनाने या इसे बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. नियम को तोड़ने पर 6 महीने तक जेल और 1 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है. वहीं, यदि इसके सेवन से किसी की मौत होती है, तो ऐसे मामलों में उम्रकैद की सजा भी हो सकती है.

मिलावटी उत्पाद रोकने लिया गया फैसला

नकली और मिलावटी डेयरी उत्पादों की बिक्री रोकने के मकसद से महाराष्ट्र ने इस कदम को उठाया है. छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र ऐसा प्रतिबंध लगाने वाला दूसरा राज्य बन गया है.

फूड सेफ़्टी कमिश्नर तुकाराम मुंडे के जारी आदेश के मुताबिक पूरे राज्य में एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर को बनाने, प्रोसेस करने, पैक करने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, थोक और रिटेल में बेचने, बांटने और बिक्री पर रोक लगा दी गई है. पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी, जहां कई विधायकों ने एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की थी. 30 जुलाई को जारी आदेश के बाद अब इस उत्पाद से जुड़ी लगभग सभी गतिविधियों पर आधिकारिक रूप से रोक लगा दी गई है.

निरीक्षण और कार्रवाई तेज, कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द

पुणे के मांजरी खुर्द स्थित एक गोदाम पर छापेमारी में अधिकारियों ने लगभग 1400 किलोग्राम नकली पनीर, 1800 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 400 किलोग्राम ग्लिसरॉल मोनोस्टीयरेट (GMS) पाउडर, 718 लीटर पाम ऑयल सहित अन्य सामग्री जब्त की. जिनका इस्तेमाल कथित रूप से नकली डेयरी उत्पाद बनाने में किया जा रहा था. इसके अलावा, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मिलावटी खाद्य पदार्थों तथा अस्वच्छ होटल-रेस्तरां के खिलाफ भी निरीक्षण और कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिसके तहत कई प्रतिष्ठानों को बंद किया गया है और उनके लाइसेंस रद्द किए गए हैं.

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दीपक कुमार गुप्ता

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By दीपक कुमार गुप्ता

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