15 से शुभ कार्यों का खुलेगा द्वार, बजेगी शहनाइयां

Published at :02 Jan 2016 6:52 PM (IST)
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15 से शुभ कार्यों का खुलेगा द्वार, बजेगी शहनाइयां

15 से शुभ कार्यों का खुलेगा द्वार, बजेगी शहनाइयां (ग्राफिक्स लगा देंगे)(लीड) औरंगाबाद (सदर)बीते वर्ष के 16 दिसंबर से पूरे 30 दिन के लिए शुभ कार्यों पर रोक लग गयी थी. ऐसा इस लिए की धनु की सूर्य के साथ सक्रांति होने से खरमास प्रारंभ होना था. इससे शुभ कार्यों समेत शादी विवाह पर भी […]

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15 से शुभ कार्यों का खुलेगा द्वार, बजेगी शहनाइयां (ग्राफिक्स लगा देंगे)(लीड) औरंगाबाद (सदर)बीते वर्ष के 16 दिसंबर से पूरे 30 दिन के लिए शुभ कार्यों पर रोक लग गयी थी. ऐसा इस लिए की धनु की सूर्य के साथ सक्रांति होने से खरमास प्रारंभ होना था. इससे शुभ कार्यों समेत शादी विवाह पर भी प्रतिबंध लग गया था. पंडित व ज्योतिष से मिली जानकारी के अनुसार, खरमास के समय सूर्य रथ घोड़े के स्थान पर परिवर्तन आ जाता है, जिसे खर कहा जाता है. इसलिए इसे खरमास भी माना जाता है. बुढवा महादेव स्थान मंदिर के ज्योतिषाचार्य चंद्रनरेश पांडेय बताते हैं कि विभिन्न पंच्चांग के अनुसार अलग-अलग मुहूर्त दिये गये हैं. पर महावीर पंच्चांग के अनुसार शुक्ल पक्ष पंचमी 16 दिसंबर की दोपहर से खरमास शुरू हो गया था, जो 15 जनवरी 2016 को पौष शुक्ल पक्ष षष्ठी शुक्रवार के सुबह 7:40 बजे तक रहेगा. इसके बाद 15 जनवरी से ही 7:40 बजे के बाद से शुभ कार्यों का द्वार खुल जायेगा. साथ ही शादी ब्याह की भी शहनाई बजने लगेगी. इन शुभ कार्यों पर लगा है प्रतिबंध : पंडीत शंकर मिश्रा के अनुसार खरमास में शादी समारोह, गृह प्रवेश, व्यापार मुहूर्त, देवपूजन, मुुंडल संस्कार, जनेउ संस्कार आदि पर प्रतिबंध है. इन शुभ कार्यों को खरमास में किया जाना शुभ नहीं माना जाता है.वर्ष में दो बार आता है खरमास : चंद्रनरेश पांडेय बताते हैं कि वर्ष में दो बार खरमास आता है. जब सूर्य की राशि धनु या मीन में होता है. खरमास में पृथ्वी से सूर्य की दूरी अधिक होती है. इस समय सूर्य की रथ के घोड़े के स्थान पर खर का स्थान हो जाता है. इसलिये इसे खरमास कहते हैं. वही जब सूर्य वृि›क राशि से निकल कर धनु राशि में प्रवेश करता है तो इस प्रवेश क्रिया को धनु की सक्रांति कहते हैं. इसे खरमास या मलमास भी कहा जाता है. इनका कहना है कि मलमास तीन वर्षों में एक बार आता है.मौसम पर भी रहेगा इसका प्रभाव : पंडित चंद्रनरेश पांडेय ने बताया कि सूर्य व इसकें ग्रहों की चाल से बरसात, गरमी व ठंड तय होती है. इस बार के ठंड पर ग्रह का प्रभाव है. मंगल व राहु दोनों एक साथ हैं इस कारण दिन गरम व रात ठंड रह रही है. इस वर्ष गुरु सिंह राशि में है, इसलिए रात में ठंड ज्यादा होगी और सूर्य, शनि एक साथ हैं, इसलिए दिन गरम रहेगा.

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