बेलगाम ड्राइविंग से बढ़ रहे हादसे
औरंगाबाद (सदर) : जिले में हाल के वर्षो में सड़क दुर्घटनाओं व इसके कारण होनेवाली मौत की संख्या बढ़ी है. ऐसी घटनाओं का कारण सड़कों की चौड़ीकरण व चिकना होना माना जा रहा है. लेकिन, हकीकत यह है कि ट्रैफिक नियमों का पालन न किये जाने के कारण रफ्तार बेलगाम हो गयी और हादसे बढ़ […]
औरंगाबाद (सदर) : जिले में हाल के वर्षो में सड़क दुर्घटनाओं व इसके कारण होनेवाली मौत की संख्या बढ़ी है. ऐसी घटनाओं का कारण सड़कों की चौड़ीकरण व चिकना होना माना जा रहा है. लेकिन, हकीकत यह है कि ट्रैफिक नियमों का पालन न किये जाने के कारण रफ्तार बेलगाम हो गयी और हादसे बढ़ गये हैं.
जिले में सड़क हादसों से होनेवाली मौत के अनुपात कम होने की बजाय बढ़ रहे हैं. इसकी वृद्धि एक चिंताजनक विषय है. दुर्घटना में मौत के बाद सड़क जाम और आगजनी, तोड़फोड़ भी आम बात हो गयी है. जब इन घटनाओं पर चिंतन किया जाता है, तो ऐसा महसूस होता है कि कहीं न कहीं हर व्यक्ति गलत है. परिवहन विभाग के पदाधिकारी भी मानते हैं कि हाल के दिनों में सड़क हादसे बढ़े हैं और जिले में गाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है.
अनुपात में है काफी अंतर
परिवहन विभाग द्वारा जो ट्रैफिक नियम निर्धारित किया गया है उसका आंशिक रूप से भी पालन लोग नहीं करते. इसके अलावा गाड़ियों की संख्या और लाइसेंसों की संख्या पर गौर किया जाये, तो इसके अनुपात में काफी अंतर मिलते हैं. जो दुर्घटनाओं का कारण माना जा सकता है.
यह हो सकता है कि कुछ लोग बेवजह गाड़ियों का लाइसेंस पहचान पत्र के रूप में बनवा लिये हों. यह भी हो सकता है कि कुछ लोग एक से ज्यादा गाड़ी के मालिक हों और यह भी संभव है कि कुछ लोग दूसरे जिलों से लाइसेंस हासिल किये हों. इसके बावजूद दोनों स्थिति में अंतर इतना लंबा है कि यह समझने में मुश्किल नहीं होना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों है. जाहिर सी बात है कि कहीं न कहीं कुछ लोगों द्वारा तो कुछ विभाग की लापरवाही के कारण इनमें काफी अंतर है.
लापरवाही हादसे की वजह
वाहनों की तेज रफ्तार, गाड़ियों की बढ़ती हुई संख्या, नौसिखिए ड्राइवर, नशा कर ड्राइविंग करना, नो इंट्री में प्रवेश और रेस ड्राइविंग हादसे का कारण बन रहे हैं. परिवहन विभाग अगर चाहे तो सड़क दुर्घटनाओं पर कुछ हद तक लगाम लगा सकती है. इसके लिए परिवहन विभाग के नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है और उस पर पदाधिकारियों को अमल करने की.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
मोटरवाहन निरीक्षक पदाधिकारी केके त्रिपाठी कहते हैं कि विभाग ट्रैफिक नियमों के प्रति काफी सख्त है. समय–समय पर वाहन जांच अभियान चलाया जाता है, जिसमें परिवाहन विभाग के निर्धारित नियमों के मापदंडों को पूरा नहीं करनेवाले वाहनों पर जुर्माना किया जाता है. सड़क सुरक्षा के लिए भी पूर्व में अभियान चलाया गया तथा सड़क सुरक्षा सप्ताह भी मनाया गया था. इसके तहत वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों से अवगत कराया गया था.
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