अररिया में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम, स्कूलों में बच्चों की हो रही स्वास्थ्य जांच
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 18 May 2026 2:08 PM
Araria Health News
Araria Health News: अररिया में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. अब स्कूलों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर यह आकलन किया जा रहा है कि जिले में संक्रमण का खतरा कितना कम हुआ है.
Araria Health News: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट. फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) के अंतर्गत स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि जिले में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है या नहीं. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम 6 से 7 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की जांच विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर कर रही है.
बच्चों की जांच के लिए स्कूलों में विशेष शिविर
जिले के चयनित सरकारी और निजी विद्यालयों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में बच्चों की रक्त जांच की जा रही है और फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है.
इस दौरान बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को भी बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि वे इसके रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभा सकें.
फाइलेरिया: गंभीर लेकिन रोकथाम संभव बीमारी
सिविल सर्जन Dr. K.K. Kashyap ने बताया कि फाइलेरिया एक परजीवी जनित गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है. यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह हाथ-पैरों में सूजन और स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है.
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वर्षों से चलाया जा रहा सामूहिक दवा सेवन अभियान अब सकारात्मक परिणाम दे रहा है, और TAS-1 सर्वे उसी सफलता को मापने का एक महत्वपूर्ण चरण है.
संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की कोशिश
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी Dr. Ajay Kumar Singh ने बताया कि TAS-1 सर्वे राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यदि सर्वे के परिणाम संतोषजनक पाए जाते हैं, तो यह जिले को फाइलेरिया मुक्त घोषित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी. विभाग का लक्ष्य केवल इलाज नहीं बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त करना है.
स्कूलों में दिखा जागरूकता का असर
जांच के दौरान स्कूलों में बच्चों में उत्साह देखा गया. स्वास्थ्य टीम ने बच्चों को स्वच्छता, हाथ धोने की आदत और मच्छरदानी के उपयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही दवाओं का नियमित सेवन करें.
फाइलेरिया मुक्त जिले की ओर कदम
TAS-1 कार्यक्रम को जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों से जल्द ही इस बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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