शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: बक्सर के सरकारी स्कूलों पर डिजिटल शिकंजा, बेस्ट ऐप से शुरू होगा मॉनिटरिंग सिस्टम
Published by : raginisharma Updated At : 18 May 2026 11:59 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर
Bihar News: बक्सर में शिक्षा विभाग ने डिजिटल तकनीक से निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने की पहल शुरू की है. जिस से सरकारी स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, नियमित और प्रभावी बनाना है. बेस्ट ऐप’ से इन 5 बिंदुओं पर सख्त निगरानी की जाएगी.
Bihar News:(संतोष कांत) बक्सर जिले के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और छात्रों की सहभागिता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. अब प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की निगरानी डिजिटल तकनीक आधारित रियल टाइम ‘बेस्ट (B-EST) मोबाइल ऐप’ के माध्यम से की जाएगी. इस प्रणाली के तहत स्कूलों की हर गतिविधि पर सख्त नजर रखी जाएगी और सभी रिपोर्ट ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर लाइव उपलब्ध रहेगी.
शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की पहल
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, नियमित और प्रभावी बनाना है. अब अधिकारियों को केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं करना होगा, बल्कि मौके से ही ऐप के माध्यम से वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी. विभाग ने जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए मासिक निरीक्षण का न्यूनतम लक्ष्य भी अनिवार्य कर दिया है.
‘बेस्ट ऐप’ से इन 5 बिंदुओं पर होगी सख्त निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ऐप के माध्यम से रियल टाइम रिपोर्ट और फोटो अपलोड करनी होगी. इसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर निगरानी होगी–
• विद्यालय संचालन और उपस्थिति
स्कूल समय पर खुल रहा है या नहीं तथा शिक्षक समय से उपस्थित हैं या नहीं.
• बच्चों की वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन
रजिस्टर में दर्ज संख्या और कक्षा में मौजूद छात्रों का भौतिक मिलान.
• स्वच्छता और आधारभूत संरचना
विद्यालय भवन, कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल की स्थिति की जांच।
• मूलभूत सुविधाएं
बिजली, पेयजल, ब्लैकबोर्ड, पुस्तकालय और प्रयोगशाला की उपलब्धता.
• मध्याह्न भोजन व्यवस्था
भोजन की गुणवत्ता और स्कूल संचालन की समग्र स्थिति.
अधिकारियों के लिए तय हुआ मासिक निरीक्षण टारगेट
विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही रोकने के लिए अब निरीक्षण कोटा अनिवार्य होगा—
- जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO): 11 विद्यालय (8 प्रारंभिक + 3 माध्यमिक)
- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO): 14 विद्यालय (10 प्रारंभिक + 4 माध्यमिक)
- अपर/सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी: 20 विद्यालय (15 प्रारंभिक + 5 माध्यमिक)
- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO): 25 विद्यालय
हर बुधवार और गुरुवार को विशेष अभियान
नई व्यवस्था के तहत हर सप्ताह बुधवार और गुरुवार को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. इन दिनों अधिकारियों की फील्ड में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन के अन्य विभागीय अधिकारी भी इस ऐप के माध्यम से स्कूलों का निरीक्षण कर सकेंगे.
ई-शिक्षा कोष से जुड़ी रियल टाइम रिपोर्टिंग
‘बेस्ट ऐप’ को ई-शिक्षा कोष पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे सभी निरीक्षण रिपोर्ट तुरंत ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगी. वरिष्ठ अधिकारी राज्य स्तर से ही किसी भी स्कूल की स्थिति का रियल टाइम आकलन कर सकेंगे. अधिकारियों को इसके लिए अलग लॉगिन की आवश्यकता नहीं होगी, उनका मौजूदा ई-शिक्षा कोष यूजर आईडी ही इस प्रणाली में उपयोग किया जाएगा.
2022 की व्यवस्था को नए रूप में फिर लागू किया गया
उल्लेखनीय है कि इस ऐप की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी, जिससे शुरुआती दौर में स्कूलों की स्थिति में सुधार भी देखा गया था. हालांकि बाद में इसकी निगरानी में ढिलाई आने लगी थी. अब 2026 में शिक्षा विभाग ने इसे और सख्त नियमों, अनिवार्य कोटे और रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ दोबारा लागू किया है. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बक्सर के शिक्षा महकमे में हलचल देखी जा रही है.
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