पटाखा फैक्ट्री हादसे में अररिया के एक और मजदूर की मौत, गांव में पसरा मातम

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 18 May 2026 12:51 PM

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Indore Fire Tragedy

Indore Fire Tragedy: मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड ने बिहार के अररिया में एक और परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है. इलाज के दौरान गंभीर रूप से झुलसे युवक की मौत के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है.

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Indore Fire Tragedy: अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट. इंदौर की पटाखा फैक्ट्री में 14 मई को हुए भीषण अग्निकांड में झुलसे अररिया के एक और मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गयी. मृतक की पहचान नरपतगंज प्रखंड के मानिकपुर पंचायत अंतर्गत भवानीपुर गांव निवासी 23 वर्षीय अभिषेक कुमार पासवान के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

इलाज के दौरान जिंदगी की जंग हार गया अभिषेक

परिजनों के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में अभिषेक कुमार पासवान गंभीर रूप से झुलस गए थे. हादसे के बाद उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था.

रविवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. मौत की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गयी. सोमवार को एंबुलेंस के जरिए शव को उनके पैतृक गांव भवानीपुर लाया जा रहा है.

पहले भी गांव पहुंच चुका है एक मजदूर का शव

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी अग्निकांड में मानिकपुर पंचायत के एक अन्य मजदूर की भी मौत हुई थी, जिसका शव दो दिन पहले गांव पहुंचा था. लगातार दूसरी मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

गांव के लोगों का कहना है कि मजदूरी करने बाहर गए युवकों के साथ हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं.

अब भी चार मजदूर अस्पताल में भर्ती

परिजनों के अनुसार इस हादसे में घायल चार अन्य मजदूरों का इलाज अभी भी इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है. उनकी हालत को लेकर परिवार लगातार चिंतित हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है.

गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अभिषेक की मौत के बाद भवानीपुर गांव में मातम का माहौल है. घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही. परिजन बेसुध हैं और गांव की महिलाएं रो-रोकर बदहवास नजर आ रही हैं.

स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजी-रोटी कमाने बाहर गए युवकों के साथ हुआ यह हादसा पूरे इलाके के लिए बेहद दुखद है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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