अररिया : हाल के दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बारूदी गंध फैलने से लोग अपने को असहज महसूस करने लगे हैं. सहमे-सहमे रहने को लोग विवश नजर आने लगे हैं. कई मामले ऐसा भी है, जिसका उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है. मामले में गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन कई मामले ऐसे भी हैं जिसका उद्भेदन अब तक पुलिस नहीं कर पा रही है.
जोगबनी के पप्पू पटेल पर गोली चलाने वालों में से कई लोग अब भी फरार हैं. भरगामा थाना क्षेत्र के जयनगर का निवासी लाल बहादूर चौपाल को गोली मारने वाला अभी गिरफ्त से बाहर है. जोकीहाट थाना के समीप एक महिला की गोली मारकर हत्या करने वाला अभियुक्त अब तक फरार है. एक माह बीतने को है लेकिन पुलिस नामजदों की गिरफ्तारी करने में अब भी सफल नहीं हो पायी है.
केस स्टडी -1
माह अप्रैल में भरगामा थाना क्षेत्र में बिंदेश्वरी मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी ना होना यह बयां करता है की किस तरह की पुलिसिंग अररिया में चल रही है.
केस स्टडी -2
भरगामा थाना क्षेत्र के खजूरी निवासी सदानंद शाह अपने दरवाजे पर शाम में टहल रहे थे. अज्ञात अपराधियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. 48 घंटे बीत गये लेकिन अब तक की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पायी है.
केस स्टडी -3
कनीय अभियंता रामविलास महतो की गोली मारकर हत्या करने के दो माह बीत जाने के बाद भी एसआईटी टीम मामले का उद्भेदन नहीं कर पायी है. लेकिन हाथ में हासिल कुछ भी नहीं. 17 जून की देर शाम हरियाबारा के समीप जेई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कनीय अभियंता की पत्नी पुष्पलता के बयान पर कांड दर्ज हुआ था. अज्ञात अपराधियों के खिलाफ. लेकिन पुलिस अब तक मामले का ना तो उद्भेदन कर पायी है न ही गिरफ्तारी भी कर पायी है.
केस स्टडी -4
जोगबनी के अमर राम की गोली मारकर हत्या करने वालों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर गिरफ्तारी दी. जोगबनी पुलिस अपनी पीठ थपथपाई. इसी तरह पप्पू पटेल पर की गई गोलीबारी में पुलिस ने गिरफ्तारी कर अपनी पीठ थपथपाई. लेकिन इस मामले में आज भी कई अपराधी फरार हैं.
केस स्टडी -5
जोकीहाट थाना महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित सड़क पर अपने घर जा रही एक महिला की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. महिला के परिजनों के द्वारा इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी. बावजूद एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस हत्यारों की गिरफ्तारी कर पाने में नाकामयाब रही है. खास बात यह कि नामजदों में एक सेवानिवृत दफादार के पुत्र शामिल हैं. लोगों की माने तो पुलिस हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं कर उनके बचाव में लगी हुई है.
बाहरहाल सफलता और असफलता के बीच अररिया पुलिस अपना काम कर रही है. लेकिन लोगों के बीच जो सवाल कुलबुला रहे हैं. उसका उत्तर अभी आना बाकी है. हलाकि पुलिस प्रशासन के लोग यही कहते हैं कि मामले का जल्द उद्भेदन कर लिया जायेगा और अपराध में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया जायेगा.
कनीय अभियंता हत्याकांड को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है. भले ही उद्भेदन में देरी हो रही है. लेकिन कानून के हाथ से हत्यारा नहीं निकल पायेगा. भरगामा का दो हत्याकांड का भी जल्द ही उद्भेदन कर ली जायेगी.
धूरत शायली सावलाराम, पुलिस अधीक्षक