बदमाशों ने कहा- जल्दी रुपये दो, नहीं तो मार देंगे

Updated at : 28 May 2019 5:29 AM (IST)
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बदमाशों ने कहा- जल्दी रुपये दो, नहीं तो मार देंगे

पटना सिटी : तीनों तरफ से बाइक को घेर कर कर्मियों को बंधक बनाये 25 से 30 वर्ष की उम्र के छह की संख्या में रहे अपराधियों में एक बार-बार कर्मी से बोल रहे थे की जल्दी रुपये दो नहीं तो गोली मार देंगे. बाइक चला रहे पारस व रुपये का बैग लिये संतोष की […]

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पटना सिटी : तीनों तरफ से बाइक को घेर कर कर्मियों को बंधक बनाये 25 से 30 वर्ष की उम्र के छह की संख्या में रहे अपराधियों में एक बार-बार कर्मी से बोल रहे थे की जल्दी रुपये दो नहीं तो गोली मार देंगे. बाइक चला रहे पारस व रुपये का बैग लिये संतोष की कनपटी पर कट्टा सटा रखा था. यह बात पूछताछ में कर्मियों ने पुलिस को बतायी. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना को अंजाम देकर हथियार लहराते हुए अपराधी फरार हुए, तब इसके बाद कर्मियों ने शोर मचाना शुरू किया.

स्थानीय लोगों की मानें तो दो नाटे कद के अपराधी बाइक पर थे. दो ने गमछा से मुंह बांध रखा था. एएसपी ने बताया कि कर्मचारियों से घटना व अपराधियों के हुलिया की जानकारी ली गयी है. अपराधी जिस रास्ते में भागे उस रास्ते में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कि नहीं इस बात की जांच की जा रही है.
पुलिस का मानना है कि बदमाशों ने रेकी कर व किसी निकट ने लाइनर की भूमिका निभा घटना को अंजाम दिया है. पुलिस का यह भी मानना है कि किसी करीबी ने लाइनर की भूमिका निभायी है. क्योंकि कर्मी मोटी रकम लेकर कब निकलने वाले हैं, कहां जमा करना है, घटना कहा अंजाम देना है कि सीसीटीवी कैमरा से बच सके. पुलिस इन सब बिंदुओं पर भी जांच पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि लाइनर की तलाश की जा रही है.
वाहनों की होती है आवाजाही, आसपास में सरकारी संस्थान : पटना सिटी. नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल मार्ग में जिस जगह पर बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया, उसके सामने महात्मा गांधी सेतु के नीचे लड्डू अखाड़ा होते हुए पक्की सड़क आती है. जिस पर वाहनों की आवाजाही होती रहती है. क्योंकि संपर्क पथ होने की स्थिति में वाहनों का दबाव रहता है.
इसी प्रकार से मीना बाजार जल्ला रोड से भी वाहनों की आवाजाही होती है. इतना ही नहीं सामने में पार्क है. वहीं मीना बाजार से जल्ला रोड होते हुए आने वाले मार्ग का कॉर्नर है, जबकि पश्चिम में ही अस्पताल की चहारदीवारी है, वहीं दस कदम की दूरी पर राज्यस्तरीय यक्ष्मा संस्थान है. हालांकि गर्मी अधिक होने की स्थिति में सड़क पर उस समय सन्नाटा पसरा था.
किसी ने निभायी है लाइनर की भूमिका : जिस तरह से अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है, उससे यह स्पष्ट है कि किसी ने लाइनर की भूमिका निभायी है. उसने अपराधियों को यह जानकारी दी है कि सोमवार को दो-तीन दिन की मोटी रकम जमा की जाती है. साथ ही यह भी बताया होगा कि वे लोग कब और कैसे रुपयों को जमा करने के लिए निकलेंगे. इसके कारण अपराधी पहले से ही पूरी तैयारी कर उस इलाके में सक्रिय थे.
बीते वर्ष हुई थी दस लाख की लूट, 2015 में लूटे थे 26 लाख
घटनाक्रम
10:50 बजे : संस्थान से रुपये लेकर बाइक से बाहर निकलते हैं.
10:52 बजे : कर्मी घटना स्थल के पास पहुंचते हैं.
10:54 बजे : तीन बाइक पर सवार बदमाश बैग घेराबंदी कर बैग छीनते हैं.
10:55 बजे : बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार होते हैं.
10:56 बजे : कर्मियों की ओर से पुलिस व मालिक को सूचना दी जाती है.
10:57 बजे : लूट की वारदात सामने आने के बाद आसपास में लोगों की भीड़ जुटती है.
10:58 बजे : संस्थान के दूसरे कर्मचारी व व्यापारी भी घटना स्थल पर पहुंचते हैं.
11:05 बजे : मौके पर पुलिस पहुंचती है. इसके बाद मामले में जांच पड़ताल करती है.
बीते वर्ष हुई थी दस लाख की लूट, 2015 में लूटे थे 26 लाख
लूट की घटना पटना सिटी में नयी नहीं है. अब तक एक दर्जन से अधिक मामले पुलिस रिकाॅर्ड में दर्ज है. बीते वर्ष सात दिसंबर 2018 को मालसलामी थाना क्षेत्र के दीदारगंज कटरा बाजार के बैंक से रुपये निकाल कर लौट रहे सृष्टि डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मी प्रदीप कुमार से हथियार के बल पर नौ लाख 90 हजार रुपये लूट लिया. जिसकी गुत्थी भी अब तक नहीं सुलझ पायी है. लूट की दूसरी घटना 26 जून 2015 को चौक थाना क्षेत्र के लंगूर गली की है.
जहां बदमाशों ने कारोबारी से 26 लाख रुपये की राशि लूट ली थी. इसी प्रकार से 30 सितंबर 2014 को बदमाशों ने बाइपास थाना के रानीपुर पैजाबा के पास वाहन कंपनी की एजेंसी के कार से नौ लाख रुपये व 50 लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट अपराधियों ने लूट लिया था. इसी प्रकार से बदमाशों ने लगभग तीन साल पहले फतुहा में कैश वैन पर धावा बोल कर एक करोड़ रुपये लूट लिया था. इसमें अपराधी पकड़े गये थे.
तीन वर्षों से चार कर्मियों के हवाले कारोबार
चावल कारोबारी प्रशांत उर्फ विक्की ने बताया कि तीन वर्षों से राजकीय खाद्य प्रयोगशाला अगमकुआं के समीप में स्थित एक मकान में वह चावल का कारोबार कर रहे हैं. इस काम में चार स्टाफ हैं. इसमें संतोष व पारस के साथ-साथ धर्म व राजेश हैं. जो कारोबार में सहयोग करते हैं. कर्मियों ने बताया कि तीन दिनों में तगादा में व्यापारियों से वसूली गयी रकम थी. वे लोग महज 200 मीटर से थोड़ा अधिक की दूरी पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जमा करने जा रहे थे.
पुलिस टीम कर रही छापेमारी, नहीं है सीसीटीवी कैमरा : बताया जाता है कि जिस जगह पर बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है, उस जगह पर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है. हालांकि पुलिस आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज की तलाश कर रही है, ताकि अपराधियों का सुराग मिल सके.
नहीं थी पुलिस, होती तो पकड़े जाते अपराधी
आमतौर पर अपराध ग्रस्त उस मोड़ पर सुबह व शाम को सघन गश्ती की व्यवस्था पुलिस टीम की ओर से की जाती है. सोमवार को यह महज संयोग ही था कि पुलिस की गश्ती दल वहां नहीं थी. कारोबारियों व स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्ती दल आंबेडकर गोलंबर के पास अगमकुआं उपरि सेतु व नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रोड में होती तो शायद घटना को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों को खदेड़ कर पकड़ा जा सकता था.
एसएसपी और डीआइजी ने लिया जायजा
आलमगंज लूट मामले में सोमवार की देर शाम एसएसपी गरिमा मलिक व डीआइजी राजेश कुमार घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने घटना के संबंध में ब्योरा लिया और सघन छापेमारी का निर्देश दिया है. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एसआइटी का भी गठन किया गया है, जिसमें सिटी एसपी, एसपी, पटना सिटी, थाना अध्यक्ष आलमगंज सहित कई पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया है.
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