भ्रष्टाचार का ये है आलम! ड्राइवर से वसूली में कम रुपये मिलने पर एएसआई बोला, तूने तो बोहनी बिगाड़ दी

पटना : परसा पुलिस थाने में पदस्थ एएसआई सत्येंद्र कुमार सिंह को निर्माण सामग्री लदे वाहन से वसूली करने के आरोप में एसएसपी मनु महाराज ने निलंबित कर दिया है. थानेदार की वसूली से जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद जांच कर यह कार्रवाई की गयी. निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी […]
पटना : परसा पुलिस थाने में पदस्थ एएसआई सत्येंद्र कुमार सिंह को निर्माण सामग्री लदे वाहन से वसूली करने के आरोप में एसएसपी मनु महाराज ने निलंबित कर दिया है. थानेदार की वसूली से जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद जांच कर यह कार्रवाई की गयी. निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित कर दी गयी है.
जानकारी के मुताबिक एएसआई सत्येंद्र कुमार सिंह की अवैध वसूली की पोल एक ऑडियो ने खोल दी, जो सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुआ था. यह मामला एसएसपी तक भी पहुंच गया. ऑडियो की एफएसएल से जांच करायी तो आवाज सत्येंद्र कुमार सिंह की निकली और उसे सस्पेंड कर दिया गया. निलंबित एएसआई एक वाहन चालक से कम पैसे मिलने पर बोहनी गड़बड़ाने का जिक्र तक कर रहा है.
कुछ इस तरह सामने आया मामला
ऑडियो में यह स्पष्ट रूप से सुनाई दे रहा था कि उक्त एएसआई किसी गाड़ी मालिक से प्रति गाड़ी पैसा मांग रहे थे. गाड़ी मालिक प्रति गाड़ी 500 देने पर राजी था और वह प्रति गाड़ी एक हजार लेने की डिमांड कर रहा था. इसके साथ ही कम पैसे देने पर बोहनी गड़बड़ाने की जानकारी फोन पर ही एएसआई दे रहा था. इसके साथ ही उक्त ऑडियो में और भी थाना पुलिस द्वारा वाहनों की चेकिंग न करने के एवज में वसूली करने की जानकारी दी गयी है. उन थाना पुलिस के संबंध में भी जांच की जा रही है. एसएसपी ने बताया कि एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है. जिन थानाें का नाम सामने आया है, जांच की जा रही है.
वायरल ऑडियो में एएसआई व ट्रैक्टर मालिक से हुई बातचीत
वायरल ऑडियो से यह स्पष्ट है कि निर्माण सामग्री यदा बालू, गिट्टी आदि ले जाने वाले ट्रैक्टर आदि को जबरन राेक कर जांच के नाम पर पुलिस वसूली करती है. उनसे दो सौ से लेकर एक हजार तक वसूल करती है. ऑडियो के अनुसार एक पकड़े गये ट्रैक्टर के चालक द्वारा अपने मालिक राजू कुमार से एएसआइ सत्येंद्र कुमार सिंह की बात मोबाइल फोन से करायी गयी. लेकिन राजू ने सारी बातों को अपने मोबाईल में रिकॉर्ड कर लिया.
पटना में वाहनों से होता है वसूली का खेल, जांच के नाम पर ऐंठा जाता है पैसा
पटना जिले में पुलिस द्वारा वाहनों से वसूली का खेल काफी पुराना है. इस तरह के वसूली के मामले कई बार सामने आये और इस पर वरीय पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई तक की. लेकिन इसके बावजूद वसूली नहीं रुकी है. यहां तक कि प्रतिदिन उस मार्ग से आने-जाने वालों की राशि तक बांध दी गयी है. यह खास कर उन वाहनों के लिए मुसीबत है, जिसमें काेई निर्माण सामग्री या कोई उत्पाद को रख कर इधर से उधर ले जाया जा रहा होता है. वसूली का यह खेल आमतौर पर रात में ज्यादा चलता है, क्योंकि रात में ही वैसे ट्रक या ट्रैक्टरों को शहर के अंदर प्रवेश करने की इजाजत होती है, जिन्हें शहर के अंदर अपना माल उतारना है. इसके अलावा एनएच पर वसूली का खेल रात भर चलता रहता है. एनएच से हर तरह की गाड़ियां आमतौर पर रात में ही गुजरती हैं और उन गाड़ियों के चालकों से चेकिंग के नाम पर वसूली की जाती है. पूर्व में तो बालू के ट्रकों के आवागमन के कारण जाम की समस्या न्यू बाइपास होने पर पैसे लेकर ट्रकों को शहर के अंदर से आसानी से महात्मा गांधी सेतु तक पहुंचा दिया जाता था. एसएसपी मनु महाराज ने भी हड़ताली चौक पर कई ट्रकों को पकड़ा था. ये सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन जाने के बजाय बेली रोड होते हुए हड़ताली मोड़ आ रहे थे, जबकि बेली रोड में आने की अनुमति ट्रकों को नहीं थी. इस मामले में एसएसपी ने चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की थी.
एएसआई व चालक के बीच बातचीत
ट्रैक्टर मालिक: मैं तो हमेशा पैसा दे देता हूं तो फिर ट्रैक्टर को क्यों पकड़ा गया है
एएसआई : पैसे कम है, कम से एक हजार प्रति ट्रैक्टर देना होगा.
ट्रैक्टर मालिक : पांच सौ रुपये के हिसाब से पांच गाड़ी का 35 सौ रुपया दे देता हूं .
ट्रैक्टर मालिक : एक हजार ज्यादा है. पिपरा थाना, जानीपुर थाना तो प्रति गाड़ी दो सौ रुपये लेता है. इतना पैसा देंगे तो धंधा कैसे चलेगा.
एएसआई : कम से कम प्रति ट्रैक्टर एक हजार रुपये देने होंगे. अवैध बालू का पांच सौ रुपया काफी कम है.
एएसआई : उससे कम नहीं होगा पांच सौ देकर बोहनी खराब करोगे क्या? तुम मुन्ना से बात कर लो.
दलाल मुन्ना : एक हजार दे दो, नहीं तो हम कुछ नहीं जानते है.
ट्रैक्टर मालिक : ठीक है जैसा आप कहते है, वैसा ही करते है.
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