देवेंद्र-सरदार : सही वक्त पर सही सम्मान

Published at :04 Aug 2017 7:29 AM (IST)
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देवेंद्र-सरदार : सही वक्त पर सही सम्मान

खेल रत्न : पैरालिंपियन झाझरिया और सरदार के नाम की अनुशंसा अनुज कुमार सिन्हा पैरा अाेलंपियन देवेंद्र झाझरिया आैर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह काे खेल में देश का सबसे बड़ा पुरस्कार यानी राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने की अनुशंसा सही वक्त पर लिया गया सही कदम है. इन दाेनाें खिलाड़ियाें ने खेल में […]

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खेल रत्न : पैरालिंपियन झाझरिया और सरदार के नाम की अनुशंसा
अनुज कुमार सिन्हा
पैरा अाेलंपियन देवेंद्र झाझरिया आैर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह काे खेल में देश का सबसे बड़ा पुरस्कार यानी राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने की अनुशंसा सही वक्त पर लिया गया सही कदम है. इन दाेनाें खिलाड़ियाें ने खेल में देश की लंबी सेवा की है आैर खेल में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की है. पहले देवेंद्र झाझरिया की बात करें. 36 साल का यह खिलाड़ी दाे-दाे बार पैरा आेिलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुका है. एक हाथ आधा कटा हुअा, उसके बावजूद जेवलिन थ्राे में दाे-दाे बार स्वर्ण पदक जीता. आेिलंपिक में पूरी दुनिया से खिलाड़ी रहते हैं.
उसमें दाे-दाे बार यह करिश्मा काेई मामूली उपलब्धि नहीं है. ऐसा करनेवाले पहले भारतीय. देवेंद्र दाे बार क्या, चार बार आेिलंपिक (पैरा आेिलंपिक) का स्वर्ण भी जीत जाते लेकिन दाे-दाे अाेिलंपिक में जेवलिन थ्राे की उस स्पर्धा काे शामिल ही नहीं किया गया जिसमें देवेंद्र भाग लेते थे. 2004 (एथेंस)में चैंपियन, 2016 (रियाे) में भी चैंपियन. इस उपलब्धि के लिए देवेंद्र काे पद्मश्री से पहले ही सम्मानित किया जा चुका है.
देवेंद्र काेई मामूली एथलीट नहीं हैं. राजस्थान के चुरु के इस खिलाड़ी का बचपन अच्छा नहीं बीता था.
आठ वर्ष की उम्र में पेड़ पर चढ़ने के दाैरान 11 हजार वाेल्ट के तार से हाथ सट गया. हाथ बेकार हाे गया. काटना पड़ा. काेई आैर हाेता ताे हार मान लेता. देवेंद्र किसी आैर माटी के बने हुए हैं. कहा-दुनिया में ऐसे-ऐसे लाेग हैं जिनके हाथ नहीं हैं, पैर नहीं हैं लेकिन वे कुछ न कुछ ताे कर रहे हैं.
एक हाथ कटने के बावजूद उनकी साेच थी-मेरा बांया हाथ कटा है, दायां बचा है. किस्मत वाले हैं कि दायां बचा है आैर इसी एक हाथ से इतिहास रचेंगे. जाे साेचा-कहा, उसे साबित कर दिया. पहले जिला स्तरीय प्रतियाेगिता जीती. आत्मविश्वास बढ़ा. फिर ताे पीछे मुड़कर नहीं देखा. सच में देवेंद्र झाझरिया की किस्मत अच्छी थी. जब 1997 में वे स्कूल में थे, उन पर प्रसिद्ध एथलीट-काेच आरडी सिंह (द्राेणाचार्य अवार्ड विजेता) की नजर पड़ गयी. उन्हाेंने भांप लिया था कि इस लड़के में कुछ करने का दम है.
वे देवेंद्र के काेच बन गये. नतीजा सामने है-दाे-दाे बार पैरा आेिलंपिक का स्वर्ण पदक. उनके पहले पैरा आेिलंपिक में मुरलीकांत पेटकर नामक तैराक ने 1972 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था. दाे बार जीतनेवाले देवेंद्र पहले भारतीय बन गये हैं. इस पुरस्कार पर उनका कितना बड़ा दावा बनता है, यह इसी बात से प्रमाणित हाेता है कि चयन समिति के प्रमुख जस्टिस (रि) सीके ठक्कर की खुद की च्वाइस भी देवेंद्र ही थे.अगर देवेंद्र ने जेवलिन थ्राे में देश का नाम राेशन किया ताे सरदार सिंह ने हॉकी में. उन्हें भी खेल रत्न देने की अनुशंसा की गयी है.
1991-92 से देश का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड शुरू हुआ. 25 साल बीत गये. हॉकी से उनके पहले सिर्फ एक खिलाड़ी काे ही यह सम्मान मिल पाया है. वह खिलाड़ी है भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे धनराज पिल्लै. सरदार सिंह दूसरे हॉकी खिलाड़ी बन गये हैं. यह सम्मान उन्हें ऐसे ही नहीं मिला. इस खिलाड़ी ने भारतीय हॉकी काे फिर से ऊंचाई तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका अदा की है.
सबसे कम उम्र में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बने. 1980 में अंतिम बार भारत हॉकी में आेिलंपिक चैंपियन बना था. उसके बाद ताे ऐसे भी हालात बन गये थे कि भारत कई बार आेिलंपिक के लिए क्वालीफाइ भी नहीं कर पाया था. सरदार सिंह ने भारतीय हॉकी के दिन बदले. 2010 में अजलन शाह हॉकी में भारत काे चैंपियन बनाया था. खुद प्लेयर अॉफ टूर्नामेंट बने थे. 2012 में आेिलंपिक क्वालीफायर मैच में भारत काे स्वर्ण पदक दिलाया था. इसमें भी प्लेयर अॉफ टूर्नामेंट सरदार ही थे.
भारतीय टीम के कप्तान के ताैर पर भी सरदार सिंह ने टीम काे मजबूत बनाया. आज भारत हॉकी में बेहतरीन (पहले की तुलना में) प्रदर्शन कर रहा है ताे इसमें सरदार सिंह का अच्छा खासा याेगदान है. इसलिए सरदार सिंह आैर देवेंद्र झाझरिया जैसे खिलाड़ी हर हाल में खेल रत्न के हकदार थे. वह उन्हें मिला भी.
अर्जुन पुरस्कार के लिए पुजारा, हरमनप्रीत समेत 17 के नाम तय
नयी दिल्ली : देवेंद्र झझारिया देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न के लिए अनुशंसा पाने वाले पहले पैरालिंपियन हो गये. उनके साथ पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह के नाम की भी समिति ने सिफारिश की है. समिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिए भी 17 खिलाड़ियों का चयन किया है. इनमें क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा, महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप स्टार हरमनप्रीत कौर, पैरालम्पियन पदक विजेता एम थंगावेलू और वरुण भाटी, गोल्फर एसएसपी चौरसिया और हाकी स्टार एसवी सुनील शामिल हैं.
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