प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने के बाद अक्षर का फूटा गुस्सा, कहा-हमने उम्मीद से कम रन बनाए; स्पिनर्स ने भी बहुत गलतियां की
अक्षर पटेल
DC vs KKR 2026 : आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने अगले सीजन की प्लानिंग शुरू कर दी है, लेकिन शुक्रवार को खेले गए मैच में वे अपने बैटर और बाॅलर्स दोनों से ही नाराज नजर आए.
DC vs KKR 2026 : अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में केकेआर से 8 विकेट से बुरी तरह हारने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा है कि हमारे स्पिनर्स ने काफी गलतियां की, जिसकी वजह से हम मैच हार गए. आईपीएल 2026 में केकेआर की टीम ने एक बार फिर स्पीड पकड़ ली है. हालांकि प्लेऑफ की दौड़ केकेआर के लिए आसान नहीं है, लेकिन अभी इसे नामुमकिन कहना भी थोड़ी जल्दी हो सकती है.
अक्षर का गुस्सा स्पिनर्स पर फूटा
दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने केकेआर के हाथों टीम के बुरी तरह पिटने के बाद कहा कि स्पिनरों ने काफी गलतियां कीं. उन्होंने कहा कि एक तो हमारा टोटल उम्मीद से काफी था उसपर स्पिनर्स ने काफी गलतियां की, जिसकी वजह से मैच हमारे हाथों से फिसल गया. मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि जब टीम ने पहली पारी में कम समय में पांच विकेट खो दिए, तो खेल बदल गया, जिससे उनका मोमेंटम कम हो गया. अक्षर ने कहा कि पिच जिस तरह से बर्ताव कर रही थी, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि स्पिनरों ने गलतियां कीं. अक्षर ने कहा कि टीम अपनी गलतियों का रिव्यू करेगी और भविष्य के लिए प्लानिंग शुरू करेगी, जिसमें अगले सीजन के लिए स्ट्रेटेजी का अंदाजा लगाना और अभी बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौके देने पर विचार करना शामिल है.
अक्षर पटेल ने अपने प्रदर्शन को भी बताया निराश करने वाला
अक्षर पटेल ने अपने प्रदर्शन की बात करते हुए कहा कि इस सीजन में बल्ले से मेरा परफॉर्मेंस बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा है. मुझे पता है कि जब टीम को मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मैंने उन्हें निराश किया है. एक कप्तान और एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर, मैं हमारी कमियों और अभी हम जहां हैं, उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. हम सच में अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चीजें हमारे हिसाब से नहीं हो रही हैं. हमारे सभी फैंस जिन्होंने हर स्टेडियम में और अपने घरों से बिना किसी शर्त के हमारा सपोर्ट किया है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मुझे बहुत अफसोस है. आप हमसे बेहतर रिजल्ट के हकदार हैं.
दिल्ली 20 ओवर में सिर्फ 142 रन ही बना पाई
दिल्ली की टीम ने अपने होम ग्राउंड पर बहुत ही खराब प्रदर्शन किया. मिडिल आॅर्डर बुरी तरह लड़खड़ा गई और टीम 20 ओवर मे 8 विकेट के नुकसान पर 142 रन ही बना पाई. यह एक छोटा टारगेट था, जिसे डिफेंड करना बहुत मुश्किल भी था. केकेआर के खिलाड़ियों ने इस टारगेट को आसानी से 14.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर ही पूरा कर लिया.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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