भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. राजकोट में खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सीरीज में बराबरी कर ली है. केएल राहुल के शानदार शतक (नाबाद 112) पर पानी फिर गया और कीवी टीम ने 285 रनों का लक्ष्य 15 गेंद रहते ही हासिल कर लिया. इस हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) काफी निराश नजर आए. मैच के बाद उन्होंने माना कि बीच के ओवर्स में उनके गेंदबाजों ने हिम्मत नहीं दिखाई और यही हार का सबसे बड़ा कारण बना. अब रविवार को होने वाला मैच सीरीज का ‘डिसाइडर’ होगा, जो काफी रोमांचक होने वाला है.
गिल ने मानी अपनी गलती
मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शुभमन गिल ने खुलकर बात की. उन्होंने माना कि भारतीय गेंदबाज बीच के ओवर्स में विकेट निकालने में पूरी तरह नाकाम रहे. गिल ने कहा कि शुरुआत में दो विकेट जल्दी मिल गए थे और हम कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे. उस वक्त (पहले 10-15 ओवर) गेंद हरकत कर रही थी और पिच से मदद मिल रही थी. लेकिन गिल ने अफसोस जताते हुए कहा मुझे लगता है कि 20-25 ओवर के बाद पिच थोड़ी सेट हो गई थी, लेकिन हम बीच के ओवर्स में गेंदबाजी करते समय थोड़े और ब्रेव हो सकते थे. हमें थोड़े और रिस्क लेने चाहिए थे और मौके बनाने चाहिए थे. उनका मानना था कि अगर वो थोड़ा रिस्क लेते तो शायद विकेट मिल जाते.
डेरिल मिचेल और विल यंग ने छीना मैच
मैच का टर्निंग प्वाइंट न्यूजीलैंड की वो पार्टनरशिप रही जिसने भारतीय उम्मीदों को तोड़ दिया. न्यूजीलैंड ने 285 रनों का पीछा करते हुए 43 रन पर अपने 2 विकेट गंवा दिए थे. उस वक्त लग रहा था कि भारत यह मैच आसानी से जीत लेगा. लेकिन फिर डेरिल मिचेल और विल यंग ने मोर्चा संभाला. मिचेल ने एक मास्टरक्लास पारी खेली और 117 गेंदों में 131 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने विल यंग (87 रन) के साथ मिलकर 162 रनों की साझेदारी की. इसके बाद मिचेल ने ग्लेन फिलिप्स (नाबाद 32) के साथ मिलकर 78 रन और जोड़े और मैच को एकतरफा अंदाज में खत्म कर दिया. मिचेल ने अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के लगाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
कैच छोड़ना पड़ा भारी, गिल ने दी चेतावनी
हार का एक और बड़ा कारण खराब फील्डिंग भी रही. मैच के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा ने डेरिल मिचेल का एक आसान कैच छोड़ दिया था, जो बाद में भारत के लिए बहुत महंगा साबित हुआ. इस पर बात करते हुए कप्तान गिल ने साफ शब्दों में कहा कि टीम को अपनी फील्डिंग सुधारनी होगी. उन्होंने कहा अगर आप इस फॉर्मेट में मौके नहीं भुनाएंगे और कैच छोड़ेंगे, तो हारना तय है. वहीं, न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मिचेल ने भी माना कि अगर बीच के ओवर्स में विकेट नहीं गिरते हैं, तो सेट बल्लेबाज को रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है, भले ही लक्ष्य 15-20 रन ज्यादा क्यों न हो.
केएल राहुल का शतक गया बेकार
इससे पहले टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ठीक रही थी. रोहित शर्मा (24) और शुभमन गिल (56) ने पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद क्रिस्टियन क्लार्क की शानदार गेंदबाजी (3/56) के सामने भारतीय टॉप ऑर्डर बिखर गया. रोहित, विराट और अय्यर जल्दी पवेलियन लौट गए. ऐसे मुश्किल वक्त में केएल राहुल दीवार बनकर खड़े हो गए. राहुल ने 92 गेंदों में नाबाद 112 रन बनाए. उन्होंने पहले रविंद्र जडेजा (27) के साथ 73 रन और फिर नितीश कुमार रेड्डी (20) के साथ 57 रन जोड़कर टीम को 50 ओवर में 284/7 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. लेकिन अंत में गेंदबाजों की विफलता के कारण उनकी यह मेहनत बेकार चली गई.
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