क्या है Starshield, जिसे एलन मस्क ने LUCAS कामिकेज ड्रोन पर लगा हुआ बताया? जानें इसका काम

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Starshield On LUCAS Drone

लुकास ड्रोन पर लगा स्टारशील्ड

अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई में इस्तेमाल हुए कामिकेज ड्रोन LUCAS को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. रूस ने आरोप लगाया है कि इन हमलों में एलन मस्क की कंपनी SpaceX का स्टारलिंक यूज हुआ है. हालांकि एलन मस्क ने इन दावों को खारिज कर दिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.

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28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसे Operation Epic Fury और Operation Roaring Lion नाम दिया गया. इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी हलचल पैदा कर दी है. दोनों देशों ने ईरान के खिलाफ किए गए सैन्य हमलों में कई एडवांस्ड हथियारों का इस्तेमाल किया. उनमें से एक बेहद घातक LUCAS कामिकेज ड्रोन भी था. मामला तब गरमा गया जब इस अमेरिकी ड्रोन पर Starlink जैसा टर्मिनल देखा गया.

X पर खुद को मिलिट्री ऑथर और रिसर्चर बताने वाले ChrisO_wiki नाम के यूजर ने एक ड्रोन की तस्वीर शेयर की. उन्होंने दावा किया कि रूस आरोप लगा रहा है कि एलन मस्क की कंपनी सीधे तौर पर सैन्य हमलों में शामिल है. इस मुद्दे पर एलन मस्क को अपने ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देनी पड़ी. मस्क ने साफ शब्दों में लिखा कि यह नेटवर्क उनके कंट्रोल में नहीं है.

क्या कहा एलन मस्क ने?

उन्होंने पोस्ट पर कमेंट करते हुआ कहा कि कमर्शियल Starlink की शर्तों के मुताबिक टर्मिनल का इस्तेमाल हथियार प्रणालियों के लिए करना नियमों का उल्लंघन है. यह नियम सभी यूजर्स पर लागू होता है, और अगर ऐसा इस्तेमाल पकड़ा जाता है तो सर्विस बंद कर दी जाती है. इसके अलावा एक अलग नेटवर्क भी है, जिसका नाम Starshield है. इसे अमेरिकी सरकार ऑपरेट करती है और यह SpaceX के कंट्रोल में नहीं आता.

Starshield क्या है?

Starshield को आप Starlink का एक खास वर्जन समझ सकते हैं. इसे खास तौर पर सेना और खुफिया एजेंसियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसे गुप्त सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स (जैसे अमेरिकी नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस) के तहत विकसित किया जा रहा है, ताकि सुरक्षित कम्युनिकेशन, धरती की निगरानी (जासूसी/इमेजिंग) और मजबूत सैन्य इस्तेमाल संभव हो सके.

इस सिस्टम में एडवांस एन्क्रिप्शन, एंटी-जैमिंग टेक्नोलॉजी और डेडिकेटेड सैटेलाइट्स शामिल हैं. खास बात यह है कि यह आम लोगों के लिए नहीं है. इसे सीधे तौर पर सरकारें और सैन्य एजेंसियां ही ऑपरेट और कंट्रोल करती हैं.

वॉर में Starshield और Starlink का क्या रोल?

अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी इस टकराव में, जहां ड्रोन और मिसाइलों की तेज अदला-बदली हो रही है, Starshield अमेरिकी और इजराइली बलों को संचार के मामले में साफ बढ़त देता दिख रहा है. विवादित और खतरनाक इलाकों में भी यह सुरक्षित और भरोसेमंद कम्युनिकेशन बनाए रखने में मदद कर रहा है. 

दूसरी तरफ Starlink अभी ज्यादा तर नागरिकों या ईरान में इंटरनेट बाईपास जैसे इस्तेमाल तक सीमित नजर आता है, क्योंकि एक्टिव वॉर एरिया में इसे भारी जामिंग और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है.

यह भी पढ़ें: ईरान पर मिसाइलें दागने से पहले हुआ डिजिटल अटैक, 4% तक रह गई इंटरनेट कनेक्टिविटी

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अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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