क्या है Starshield, जिसे एलन मस्क ने LUCAS कामिकेज ड्रोन पर लगा हुआ बताया? जानें इसका काम

Published by : Ankit Anand Updated At : 02 Mar 2026 1:41 PM

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लुकास ड्रोन पर लगा स्टारशील्ड

अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई में इस्तेमाल हुए कामिकेज ड्रोन LUCAS को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. रूस ने आरोप लगाया है कि इन हमलों में एलन मस्क की कंपनी SpaceX का स्टारलिंक यूज हुआ है. हालांकि एलन मस्क ने इन दावों को खारिज कर दिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.

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28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसे Operation Epic Fury और Operation Roaring Lion नाम दिया गया. इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी हलचल पैदा कर दी है. दोनों देशों ने ईरान के खिलाफ किए गए सैन्य हमलों में कई एडवांस्ड हथियारों का इस्तेमाल किया. उनमें से एक बेहद घातक LUCAS कामिकेज ड्रोन भी था. मामला तब गरमा गया जब इस अमेरिकी ड्रोन पर Starlink जैसा टर्मिनल देखा गया.

X पर खुद को मिलिट्री ऑथर और रिसर्चर बताने वाले ChrisO_wiki नाम के यूजर ने एक ड्रोन की तस्वीर शेयर की. उन्होंने दावा किया कि रूस आरोप लगा रहा है कि एलन मस्क की कंपनी सीधे तौर पर सैन्य हमलों में शामिल है. इस मुद्दे पर एलन मस्क को अपने ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देनी पड़ी. मस्क ने साफ शब्दों में लिखा कि यह नेटवर्क उनके कंट्रोल में नहीं है.

क्या कहा एलन मस्क ने?

उन्होंने पोस्ट पर कमेंट करते हुआ कहा कि कमर्शियल Starlink की शर्तों के मुताबिक टर्मिनल का इस्तेमाल हथियार प्रणालियों के लिए करना नियमों का उल्लंघन है. यह नियम सभी यूजर्स पर लागू होता है, और अगर ऐसा इस्तेमाल पकड़ा जाता है तो सर्विस बंद कर दी जाती है. इसके अलावा एक अलग नेटवर्क भी है, जिसका नाम Starshield है. इसे अमेरिकी सरकार ऑपरेट करती है और यह SpaceX के कंट्रोल में नहीं आता.

Starshield क्या है?

Starshield को आप Starlink का एक खास वर्जन समझ सकते हैं. इसे खास तौर पर सेना और खुफिया एजेंसियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसे गुप्त सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स (जैसे अमेरिकी नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस) के तहत विकसित किया जा रहा है, ताकि सुरक्षित कम्युनिकेशन, धरती की निगरानी (जासूसी/इमेजिंग) और मजबूत सैन्य इस्तेमाल संभव हो सके.

इस सिस्टम में एडवांस एन्क्रिप्शन, एंटी-जैमिंग टेक्नोलॉजी और डेडिकेटेड सैटेलाइट्स शामिल हैं. खास बात यह है कि यह आम लोगों के लिए नहीं है. इसे सीधे तौर पर सरकारें और सैन्य एजेंसियां ही ऑपरेट और कंट्रोल करती हैं.

वॉर में Starshield और Starlink का क्या रोल?

अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी इस टकराव में, जहां ड्रोन और मिसाइलों की तेज अदला-बदली हो रही है, Starshield अमेरिकी और इजराइली बलों को संचार के मामले में साफ बढ़त देता दिख रहा है. विवादित और खतरनाक इलाकों में भी यह सुरक्षित और भरोसेमंद कम्युनिकेशन बनाए रखने में मदद कर रहा है. 

दूसरी तरफ Starlink अभी ज्यादा तर नागरिकों या ईरान में इंटरनेट बाईपास जैसे इस्तेमाल तक सीमित नजर आता है, क्योंकि एक्टिव वॉर एरिया में इसे भारी जामिंग और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है.

यह भी पढ़ें: ईरान पर मिसाइलें दागने से पहले हुआ डिजिटल अटैक, 4% तक रह गई इंटरनेट कनेक्टिविटी

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By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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