Arjun Tendulkar: किसी भी क्षेत्र में कोई बड़ी हस्ती का बेटा या बेटी होना काफी दबाव बनाता है. इसी प्रकार शायद अर्जुन तेंदुलकर जितना उम्मीदों का बोझ उठाने वाला कोई युवा भारतीय क्रिकेटर पहले कभी नहीं हुआ. क्रिकेट के भगवान के समान दर्जा रखने वाले खिलाड़ी का बेटा होने के नाते अर्जुन पर हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन का दबाव रहता है. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के बेटे को घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए हमेशा ही बेहद चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. वह अब भी इस दिशा में काम कर रहे हैं, क्योंकि वह क्रिकेट जगत में एक तेज गेंदबाज के रूप में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को लगता है कि अर्जुन एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं.
एक तेज गेंदबाज बनना चाहते हैं अर्जुन
अर्जुन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने आईपीएल में गोवा का प्रतिनिधित्व करते हुए कुछ मैच खेले हैं और अब आईपीएल 2026 सीजन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं. हालांकि, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शतक लगाने के साथ, यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बचपन से सचिन का व्यक्तिगत मार्गदर्शक होना उन पर जरूर असर डालता होगा. अर्जुन के खेल के उस पहलू की झलक योगराज सिंह ने दिखाई, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट जगत के सबसे चर्चित कोचों में से एक हैं. रविश बिष्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में योगराज ने बताया कि कैसे अर्जुन तेंदुलकर अपने करियर के शुरुआती दौर में कुछ हफ्तों के लिए उनसे मिलने आए थे और अपनी बल्लेबाजी की ताकत से उन्हें चौंका दिया था.
अर्जुन की बल्लेबाजी से प्रभावित हैं योगराज
योगराज ने कहा, ‘मैंने उसे पहले कभी बल्लेबाजी करते नहीं देखा था, इसलिए मैंने कहा, चलो देखते हैं तुम कैसे हो. वह नेट में बल्लेबाजी करने गया और वह लड़का – एक चौका यहां, एक चौका वहां, एक छक्का यहां, एक छक्का वहां. मैंने उसके कोच से कहा, आप उसे बल्लेबाजी क्यों नहीं करवा पाते?’ वह एक बेहतरीन बल्लेबाज है. वह अपने पिता की तरह बल्लेबाजी करता है. वह हर दिन तीन घंटे नेट पर बल्लेबाजी करने आता था और 12 दिन बाद वापस आकर रणजी ट्रॉफी खेली और अपने पहले ही मैच में शतक बनाया.’ अर्जुन ने रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में शतक बनाकर अपने पिता की बराबरी की और 2022 में गोवा में होने वाले टूर्नामेंट के लिए अपनी बल्लेबाजी की झलक दिखाई थी. हालांकि, तीन साल पहले पदार्पण के बाद से बल्ले से उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है, जहां प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका औसत 21 है और उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए हैं.
अर्जुन को नहीं मिला है ज्यादा बल्लेबाजी का मौका
योगराज ने आगे कहा, ‘जो खिलाड़ी यहां आकर 12 दिन अभ्यास करता है, वो रणजी में शतक बना लेता है और आप उसे कभी बल्लेबाजी करने का मौका ही नहीं देते. मैंने मुंबई की आईपीएल टीम को संदेश भेजा और कहा कि उसे 2-3 मैचों में ओपनिंग करने का मौका दें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया.’ 26 साल के अर्जुन तेंदुलकर को भारतीय राष्ट्रीय टीम का स्टार खिलाड़ी बनना अभी तय नहीं है, लेकिन घरेलू स्तर पर अपनी जगह बनाने और आगे बढ़ने के लिए उनके पास अभी भी समय है. चाहे उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए की गई यह जोरदार प्रशंसा उन्हें एलएसजी के लिए आईपीएल में और मौके दिलाए या घरेलू टूर्नामेंटों में भी इसका कोई असर दिखे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके पूरे करियर में उन पर लोगों का ध्यान बना रहेगा.
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