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चुनाव 2026: बंगाल से पहले तमिलनाडु में दिखा निर्वाचन आयोग का सख्त रुख, दिये ये संकेत

Updated at : 26 Feb 2026 8:43 PM (IST)
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Elections 2026 ECI strict stance in Tamil Nadu Before Bengal

तमिलनाडु में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निर्वाचन आयोग ने की बैठक.

बंगाल से पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने तमिलनाडु में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कई निर्देश दिये. हाई लेवल मीटिंग में क्या-क्या निर्देश दिये गये हैं, यहां जान लें.

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) एक्शन मोड में आ गया है. चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की एक हाई लेवल टीम तमिलनाडु में थी. यहां चुनाव की तैयारियों का डिटेल रिव्यू किया. चुनाव आयुक्त डॉ सुखबीर सिंह संधू और डॉ विवेक जोशी के साथ आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विधानसभा चुनाव 2026 कानून के दायरे में और निष्पक्ष तरीके से कराये जायेंगे.

राजनीतिक दलों की मांग – धनबल और फ्रीबीज पर लगे लगाम

समीक्षा यात्रा के दौरान चुनाव आयोग ने मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. इसमें आम आदमी पार्टी, बसपा, भाजपा, माकपा (CPI-M), कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, देशीय मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, नाम तमिलार काची और विदुथालाई चिरुथाईगल काची के प्रतिनिधि शामिल हुए. सभी ने अपने-अपने सुझाव निर्वाचन आयोग को दिये.

राजनीतिक दलों की चिंता

राजनीतिक दलों ने आयोग के समक्ष चुनाव की शुचिता को लेकर कुछ गंभीर चिंताएं भी जतायीं.

  • धनबल और प्रलोभन पर प्रहार : राजनीतिक दलों ने आयोग से चुनाव के दौरान धनबल (Money Power) और मुफ्त उपहारों (Freebies) के वितरण पर रोक के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है.
  • फ्लाइंग स्क्वायड की संख्या बढ़ाने की मांग : चुनावी धांधली और कदाचार यानीचुनाव जीतने के लिए किये जाने वाले गलत काम को रोकने के लिए आयोग से उड़न दस्तों (Flying Squads) की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.
  • त्योहारों का ध्यान : राजनीतिक दलों ने आग्रह किया है कि चुनाव की तारीखें तय करते समय राज्य के आगामी त्योहारों को ध्यान में रखा जाये.

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अधिकारियों को कड़ा निर्देश- ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएं

राजनीतिक दलों के साथ संवाद के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों आईजी (IGs), डीआईजी (DIGs), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ एक विस्तृत मैराथन बैठक की. इसमें ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव कर्मचारियों का प्रशिक्षण और कानून-व्यवस्था जैसे हर महत्वपूर्ण पहलू की समीक्षा की गयी.

अधिकारियों के लिए जारी हुआ कड़े डू एंड डोंट्स

  • पूर्ण निष्पक्षता : सभी प्रवर्तन एजेंसियों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी डर या पक्षपात के काम करें.
  • कड़ी कार्रवाई : चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि या प्रलोभन पर कड़ाई से नकेल कसने का आदेश दिया गया है.
  • कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं : आयोग ने रेखांकित किया है कि चुनावी नियमों और कानूनों से किसी भी तरह के बदलाव या उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero-Tolerance) की नीति अपनायी जायेगी.
  • मतदाताओं की सुविधा सर्वोपरि : आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा और पहुंच (Accessibility) सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके साथ ही, चुनाव प्रक्रिया के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने और चुनाव कर्मियों को बेहतरीन (Robust) ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया गया है.

स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे चुनाव

आयोग का यह कड़ा रुख और तैयारियों की समय से पहले शुरुआत यह संकेत है कि बंगाल चुनाव 2026 में भी सुरक्षा और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भरोसा दिलाया है कि बंगाल समेत 4 राज्यों (तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल) और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराये जायेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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