अररिया में एससी-एसटी अत्याचार मामलों में नहीं चलेगी देरी, डीएम ने अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 01 Jun 2026 9:32 AM

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डीम अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

Araria News: अररिया में एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है. पीड़ितों को राहत, मुआवजा और पुनर्वास में देरी पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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Araria News: अररिया. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने को लेकर अररिया जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अत्याचार से जुड़े मामलों में राहत, मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी. बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया.

पीड़ितों को समय पर सहायता देना प्रशासन की प्राथमिकता

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत निर्धारित सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास का लाभ उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही पीड़ितों का भरोसा मजबूत करती है.

लंबित मामलों की होगी नियमित निगरानी

जिलाधिकारी ने लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग की जाए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मामलों की प्रगति की समीक्षा कर कार्रवाई में तेजी लाई जाए. प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाकर पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया.

पुलिस और कल्याण विभाग को मिलकर करना होगा काम

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन और जिला कल्याण विभाग को बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने, जांच पूरी करने और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए. सभी विभागों को आपसी सहयोग के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके.

मैनुअल स्कैवेंजिंग के उन्मूलन पर भी विशेष जोर

इसी बैठक में मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत जिला स्तरीय निगरानी समिति की भी समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में मैनुअल स्कैवेंजिंग प्रथा के पूर्ण उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं. ऐसे कार्यों में लगे लोगों की पहचान कर उन्हें वैकल्पिक रोजगार, कौशल विकास प्रशिक्षण और पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जाए.

सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए. पुनर्वास प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया. बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समन्वित कार्रवाई और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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