ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा का भाई फर्जी आतंकी साजिश में गिरफ्तार

Updated at : 04 Dec 2018 4:14 PM (IST)
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ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा का भाई फर्जी आतंकी साजिश में गिरफ्तार

मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा के बड़े भाई को एक फर्जी आतंकी साजिश में कथित तौर पर श्रीलंकाई छात्र को फंसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. इस फर्जी साजिश में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनीतिज्ञों को मारने की धमकी दी गई थी. न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने 39 बरस […]

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मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा के बड़े भाई को एक फर्जी आतंकी साजिश में कथित तौर पर श्रीलंकाई छात्र को फंसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

इस फर्जी साजिश में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनीतिज्ञों को मारने की धमकी दी गई थी. न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने 39 बरस के अर्सलान ख्वाजा को गिरफ्तार किया जो उस्मान के बड़े भाई हैं. ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष बल्लेबाज 31 बरस के उस्मान भारत के खिलाफ गुरूवार से शुरू हो रही टेस्ट शृंखला में खेलेंगे.

अगस्त में पुलिस ने श्रीलंकाई छात्र मोहम्मद कमर निजामुद्दीन को सिडनी में गिरफ्तार किया था. इस साल की शुरुआत में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के दफ्तर में बरामद की गई एक नोटबुक में कथित तौर पर यह योजना लिखी गई थी जिसके आधार पर उस छात्र की गिरफ्तारी की गई.

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ख्वाजा उसी विभाग में काम करता है जिसमें निजामुद्दीन है. ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने कहा कि एक महिला को लेकर ख्वाजा उससे बदला लेना चाहता था. नोटबुक में पूर्व प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल, उप प्रधानमंत्री जूली बिशप और पूर्व स्पीकर ब्रानविन बिशप को मारने की साजिश थी.

इसके अलावा ट्रेन स्टेशनों , सिडनी ओपेरा हाउस और हार्बर ब्रिज को उड़ाने की साजिश का ब्लूप्रिंट था. श्रीलंकाई पीएचडी छात्र ने दावा किया था कि किसी यूनिवर्सिटी छात्र ने उन्हें फंसाने की साजिश रची है. निजामुद्दीन को आतंकवाद के आरोपों में गिरफ्तार किये जाने के बाद चार हफ्ते से अधिक समय एकांत में रखा गया था.

पुलिस ने उन पर आरोप लगाया था कि उसने अपनी नोटबुक में हमलों की साजिश रची थी. उसे अक्तूबर में रिहा कर दिया गया, जब उसकी लिखावट नोटबुक की लिखावट से मेल नहीं खा सकी. ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने ख्वाजा पर धोखेबाजी और न्याय में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया. पुलिस ने आरोप लगाया कि निजामुद्दीन को सुनियोजित तरीके से ख्वाजा ने फंसाया था.

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ख्वाजा को इस शर्त पर जमानत दी गई कि वह अपना पासपोर्ट जमा करेगा और यूनिवर्सिटी के सौ मीटर के दायरे के बाहर नहीं जायेगा. इसके अलावा यूनिवर्सिटी के आईटी विभाग के अपने साथियों से संपर्क नहीं करेगा. उसे 50000 डालर नकद मुचलका भरने के लिये भी कहा गया.

इस बीच एडीलेड ओवल पर उस्मान ने कहा कि उनके भाई की गिरफ्तारी पुलिस का मसला है. उन्होंने कहा , प्रक्रिया का सम्मान करते हुए मेरे लिये आगे कुछ कहना सही नहीं होगा. मैं आपसे अपनी और परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता हूं.

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