11 खिलाड़ी और 3 भाइयों की जोड़ी, क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

Author Ritu Raj
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3 pairs of brothers

भाइयों के 3 जोड़े

3 Brother’s Pairs in Cricket: वर्ल्ड क्रिकेट में भाइयों की कई जोड़ियों ने अपने खेल से एक खास पहचान बनाई है, और आगे भी ऐसा होता रहेगा. लेकिन क्रिकेट इतिहास में सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है, जब किसी टीम की प्लेइंग इलेवन में भाइयों की 3 जोड़ियां एक साथ मैदान पर उतरीं.

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3 Brother’s Pairs in Test: 24 मई को दुनिया भर में ‘ब्रदर्स डे’ मनाया जाता है. इस खास मौके पर क्रिकेट जगत के उस अनोखे रिकॉर्ड की बात करना तो बनता है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. क्रिकेट में दो भाइयों का एक साथ खेलना तो आम बात है, लेकिन इतिहास में कुछ ऐसे मौके भी आए जब तीन सगे भाई एक ही मैच में, एक ही टीम के लिए एक साथ मैदान पर उतरे.

क्रिकेट इतिहास का एक अनोखा रिकॉर्ड

आमतौर पर हमने क्रिकेट के मैदान पर दो सगे या जुड़वां भाइयों को एक साथ खेलते हुए देखा है. लेकिन 18 जनवरी 1997 को क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसा हुआ जो न तो उससे पहले कभी देखा गया था और न ही उसके बाद. दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ हरारे में खेले गए पहले टेस्ट मैच में, जिम्बाब्वे की टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा की. इस टीम में भाइयों की 3 अलग-अलग जोड़ियां एक साथ मैदान पर उतरीं.

क्रिकेट इतिहास में सगे भाइयों की जोड़ियां

क्रिकेट के मैदान पर कई बार सगे भाइयों की जोड़ियां एक साथ खेलती नजर आई है. इनमें ज़िम्बाब्वे के ग्रांट फ्लावर और एंडी फ्लावर, ब्रायन स्ट्रैंग और पॉल स्ट्रैंग, तथा गेविन रेनी और जॉन रेनी प्रमुख हैं, जिन्होंने एक ही मैच में एक साथ खेलकर इतिहास बनाया.

एक और दिलचस्प बात

इस मैच की खास बात सिर्फ इन तीन जोड़ियों तक ही सीमित नहीं थी. इस मैच में जिम्बाब्वे की मुख्य टीम में खेल रहे गाय व्हिटल के चचेरे भाई एन्डी व्हिटल भी उस मैच में टीम के 12वें खिलाड़ी के रूप में शामिल थे.

पहली पारी में ग्रांट फ्लावर का दमदार शतक

जिम्बाब्वे की तरफ से ओपनिंग करने आए ग्रांट फ्लावर ने मोर्चा संभालते हुए पहली पारी में 104 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली. उनके जोड़ीदार गेविन रेनी ने 23 रन बनाए, जबकि स्टार बल्लेबाज एंडी फ्लावर इस बार सस्ते में (8 रन) निपट गए. मध्यक्रम के लड़खड़ाने के बाद निचले क्रम में पॉल स्ट्रैंग ने जुझारू 42 रन और जॉन रेनी ने 22 रन जोड़कर टीम को संभाला. इन पारियों की बदौलत जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 298 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया.

स्ट्रैंग भाइयों का डबल अटैक

जिम्बाब्वे के 298 रनों के जवाब में न्यूजीलैंड की पहली पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम 207 रनों पर सिमट गई. कीवी टीम को सस्ते में समेटने और जिम्बाब्वे को 91 रनों की मजबूत बढ़त दिलाने का श्रेय ‘स्ट्रैंग भाइयों’ की जोड़ी को जाता है. ब्रायन स्ट्रैंग ने अपनी सटीक गेंदबाजी से न्यूजीलैंड के 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. पॉल स्ट्रैंग ने बल्लेबाजी में 42 रन बनाए. इस लेग स्पिनर ने गेंद से भी कमाल दिखाया और 2 विकेट अपने नाम किए. फ्लावर की बल्लेबाजी और स्ट्रैंग भाइयों की फिरकी के दम पर जिम्बाब्वे ने इस मैच में अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा.

ऐतिहासिक ओपनिंग पार्टनरशिप

दूसरी पारी में जिम्बाब्वे की शुरुआत धमाकेदार रही. ग्रांट फ्लावर और गेविन रेनी के बीच पहले विकेट के लिए 156 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी हुई. इस पार्टनरशिप ने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया. गेविन रेनी 57 रनों की अर्धशतकीय पारी खेलकर आउट हुए. हालांकि, इस पारी में भी ग्रांट के बड़े भाई एंडी फ्लावर का बल्ला खामोश रहा और वे लगातार दूसरी बार नाकाम रहे.

ग्रांट फ्लावर का ‘बैक-टू-बैक’ शतक

एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद ग्रांट फ्लावर का रन बनाने का सिलसिला नहीं रुका. पहली पारी में 104 रन बनाने के बाद, उन्होंने दूसरी पारी में और ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया. ग्रांट ने मैच का अपना लगातार दूसरा शतक ठोकते हुए 151 रनों की मैराथन पारी खेली. ग्रांट फ्लावर की इस कप्तानी पारी (151 रन) के दम पर जिम्बाब्वे ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली. न्यूजीलैंड के सामने जीत के लिए 403 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा.

डी फ्लावर का फ्लॉप शो

दूसरी पारी में जिम्बाब्वे को ओपनर ग्रांट फ्लावर और गेविन रेनी (57 रन) ने 156 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी दिलाकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. इस धमाकेदार शुरुआत ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया. हालांकि, एक तरफ जहाँ ग्रांट फ्लावर शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, वहीं उनके बड़े भाई एंदी फ्लावर पहली पारी की तरह इस बार भी पूरी तरह फ्लॉप रहे.

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ऋतु राज

लेखक के बारे में

By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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