भारत के पास विदेश में पहली बार लगातार तीन टेस्ट मैच जीतने का मौका

नयी दिल्ली : अपने 85 साल के टेस्ट इतिहास में अब तक केवल एक बार विदेशी सरजमीं पर किसी श्रृंखला में तीन टेस्ट मैच जीतने वाली भारतीय टीम को अब श्रीलंका के खिलाफ वर्तमान टेस्ट श्रृंखला में न सिर्फ लगभग 50 साल बाद यह उपलब्धि दोहराने बल्कि विदेश में पहली बार लगातार तीन टेस्ट मैच […]
नयी दिल्ली : अपने 85 साल के टेस्ट इतिहास में अब तक केवल एक बार विदेशी सरजमीं पर किसी श्रृंखला में तीन टेस्ट मैच जीतने वाली भारतीय टीम को अब श्रीलंका के खिलाफ वर्तमान टेस्ट श्रृंखला में न सिर्फ लगभग 50 साल बाद यह उपलब्धि दोहराने बल्कि विदेश में पहली बार लगातार तीन टेस्ट मैच जीतने का सुनहरा मौका मिला है.
विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले दोनों मैच आसानी से जीते हैं और अगर वह पल्लेकल में 12 अगस्त से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में भी अपना विजयी अभियान बरकरार रखती है तो फिर यह पहला अवसर होगा जबकि भारतीय टीम विदेशी सरजमीं पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप करेगी.
भारत ने इससे पहले केवल एक बार विदेशी धरती पर किसी श्रृंखला में तीन टेस्ट मैच जीते. मंसूर अली खां पटौदी की अगुवाई वाली टीम ने फरवरी . मार्च 1968 में न्यूजीलैंड को चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 3-1 से हराया था. इस दौरान हालांकि टीम ड्यूनेडिन में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद क्राइस्टचर्च में दूसरा टेस्ट मैच हार गयी थी. इसके बाद भारत ने वेलिंगटन और आकलैंड टेस्ट जीते थे.
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वर्तमान श्रृंखला से पहले भारत को 1986 में इंग्लैंड में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला जीतने का मौका मिला था लेकिन कपिल देव की टीम पहले दोनों टेस्ट मैच जीतने के बाद तीसरे टेस्ट को ड्रा करा बैठी थी. पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद भारत दूसरा मैच हार गया था लेकिन उसने तीसरा टेस्ट जीतकर श्रृंखला अपने नाम की थी.
अगर हम विदेशों में क्लीन स्वीप की बात करें तो भारत अब तक केवल बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ ही यह करिश्मा कर पाया है लेकिन तब श्रृंखला एक या फिर दो टेस्ट मैचों तक सीमित थी. भारत ने बांग्लादेश को 2000 में एक टेस्ट तथा 2004 और 2010 में दो . दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में हराया था। इस बीच उसने जिम्बाब्वे को उसकी धरती पर दो मैचों में 2-0 से हराया था.
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भारत हालांकि अपनी सरजमीं पर इससे पहले तीन या इससे अधिक टेस्ट मैचों में क्लीन स्वीप कर चुका है. भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को चार मैचों की श्रृंखला में 4-0 से हराया था. मोहम्मद अजहरुद्दीन की टीम ने 1993-94 में इंग्लैंड और श्रीलंका का तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में सूपडा साफ किया था.
कोहली की अगुवाई में टीम ने पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ यही करिश्मा दोहराया था. पिछले साल ही भारतीय टीम ने इंग्लैंड को पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 से हराया था जबकि 2015 में उसने दक्षिण अफ्रीका को चार मैचों की श्रृंखला में 3-0 से शिकस्त दी थी. वर्तमान श्रृंखला में भारत ने गाले में खेले गये पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को 304 रन और कोलंबो में दूसरे टेस्ट मैच में पारी और 53 रन से पराजित किया था.
भारतीय टीम की बेहतरीन फार्म को देखते हुए पल्लेकल में भी वह जीत के प्रबल दावेदार के रुप में उतरेगी. भारत इससे पहले कभी पल्लेकल में टेस्ट मैच नहीं खेला है जबकि श्रीलंका ने यहां जो पांच टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से एक में उसे हार और एक में जीत मिली है जबकि बाकी तीन मैच ड्रा रहे हैं. भारत ने पल्लेकल में हालांकि एक वनडे और एक टी20 मैच खेला है और दोनों में उसने जीत दर्ज की है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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