वैशाख अमावस्या के दिन क्या करें और क्या नहीं? जानें नियम

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वैशाख अमावस्या 2026 (एआई तस्वीर)

Vaishakh Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों का दिन माना जाता है. पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य किया जाता है. लेकिन इस दिन कुछ ऐसे कार्य भी हैं, जिन्हें करने से किए गए शुभ कर्मों का फल नष्ट हो सकता है. ऐसे में जान लें कि इस दिन क्या करना शुभ है और क्या अशुभ.

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Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह भगवान विष्णु के प्रिय महीने ‘वैशाख’ में आती है. वर्ष 2026 में यह अमावस्या 17 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस दिन पितरों का तर्पण, दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन किया गया शुभ कार्य अन्य दिनों की तुलना में अधिक लाभदायक होता है.

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वैशाख अमावस्या 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 अप्रैल 2026, रात्रि 08:14 बजे से
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 17 अप्रैल 2026, शाम 05:23 बजे तक
  • उदया तिथि: 17 अप्रैल को होने के कारण मुख्य पूजा, स्नान और दान इसी दिन किया जाएगा

वैशाख अमावस्या के दिन क्या करें?

  • पवित्र स्नान: इस दिन गंगा नदी या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है. यदि नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर स्नान करते समय पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
  • पितृ तर्पण: अमावस्या पितरों की तिथि मानी जाती है. इस दिन काले तिल और जल से पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
  • पीपल पूजा: पीपल के पेड़ में देवताओं और पितरों का वास माना जाता है. सुबह जल अर्पित करें और शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

दान का महत्व: वैशाख मास में गर्मी अधिक होती है, इसलिए इस दिन मिट्टी का घड़ा (कलश), सत्तू, पंखा, छाता और मौसमी फलों का दान अत्यंत फलदायी माना गया है.

  • पशु-पक्षी सेवा: गाय को रोटी, कुत्तों को भोजन और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें. मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना भी शुभ माना जाता है.

वैशाख अमावस्या पर क्या न करें?

  • शुभ कार्य वर्जित: अमावस्या के दिन गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह या किसी भी नए मांगलिक कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.
  • तामसिक भोजन से बचें: इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन बिल्कुल न करें. केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें.
  • नकारात्मकता से दूर रहें: इस दिन वाद-विवाद, झगड़े या किसी का अपमान करने से बचें. मन में नकारात्मक विचार न लाएं.
  • देर तक न सोएं: इस दिन ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) में जागना चाहिए. दिन में सोने से बचें.

यह भी पढ़ें: Vaishakh मास क्यों है सबसे पवित्र? जानें इसकी अद्भुत महिमा

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