वैशाख मास क्यों है सबसे पवित्र? जानें इसकी अद्भुत महिमा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 15 Apr 2026 8:10 AM

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वैशाख महीने का महत्व (AI Generated Image)

Vaishakh Month: वैशाख मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है. इस महीने स्नान, दान और पूजा से अक्षय पुण्य मिलता है. तिल दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है.

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न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम् .
न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम् ..
(-स्कंद पुराण, वैष्णव खंड)

Vaishakh Month:  हिंदू धर्म में वैशाख मास को अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ माना गया है. शास्त्रों में कहा गया है—“वैशाख के समान कोई मास नहीं, सतयुग के समान कोई युग नहीं, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं.” अपनी इसी विशेषता के कारण इस माह को सभी महीनों में उत्तम स्थान प्राप्त है. मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इसी मास में मधु नामक दैत्य का वध किया था, इसलिए इसे ‘माधव मास’ भी कहा जाता है.

 पुराणों में वैशाख मास का महत्व

पुराणों के अनुसार देवर्षि नारद ने राजा अंबरीश को बताया था कि स्वयं ब्रह्मा जी ने वैशाख मास को सभी महीनों में श्रेष्ठ बताया है. इस माह में सभी तीर्थ, देवी-देवता और पवित्र शक्तियां जल में निवास करती हैं. भगवान विष्णु की आज्ञा से ये सभी सूर्योदय से लेकर दिन के एक चौथाई भाग तक मनुष्यों के कल्याण के लिए उपस्थित रहते हैं. ऐसा कहा जाता है कि इस माह में केवल जल का दान करने से ही उतना पुण्य मिलता है, जितना अन्य समय में बड़े-बड़े यज्ञ, दान और तीर्थों के दर्शन से मिलता है.

 स्नान और दान का विशेष महत्व

वैशाख मास में प्रातःकाल स्नान का विशेष महत्व है. पद्म पुराण के अनुसार इस महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करना अश्वमेध यज्ञ के समान फलदायी माना गया है. विशेष रूप से वैशाख शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिनों का स्नान अत्यंत पुण्यदायी होता है. माना जाता है कि इन पांच दिनों के स्नान से पूरे महीने के साथ-साथ वर्ष भर के धार्मिक कार्यों का फल प्राप्त होता है.

 सात पवित्र नदियों का महत्व

इस मास में सात पवित्र नदियों—गंगा, गोदावरी, यमुना, सरस्वती, कावेरी, नर्मदा और वेणी—में से किसी एक में भी स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. कथाओं के अनुसार राजा महीरथ को केवल वैशाख मास में स्नान करने से ही मोक्ष प्राप्त हो गया था, जो इस माह की महिमा को दर्शाता है.

तिल और दान की परंपरा

वैशाख पूर्णिमा के दिन तिलों की उत्पत्ति मानी जाती है. एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु के स्वेद से काले और सफेद तिल उत्पन्न हुए थे. इसलिए इस मास में धार्मिक अनुष्ठानों में तिल का विशेष महत्व है. लक्ष्मी पूजा में सफेद तिल और विष्णु पूजा में काले तिल का प्रयोग किया जाता है. साथ ही जल, छाता, पंखा, चटाई और जूते-चप्पल का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है.

 उज्जैन में कल्पवास का महत्व

जैसे माघ मास में प्रयाग का कल्पवास महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही वैशाख मास में उज्जैन में कल्पवास का विशेष महत्व है. चैत्र पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा तक क्षिप्रा नदी में स्नान और वहां निवास करना अत्यंत फलदायी माना गया है. मान्यता है कि जो व्यक्ति इस अवधि में वहां निवास करता है, वह शिव स्वरूप बन जाता है और उसे विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है.

इस प्रकार वैशाख मास केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य अर्जन का सर्वोत्तम अवसर माना गया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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