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Navratri Day 9, Maa Siddhidatri Vrat Katha: नवरात्रि के नौवें दिन सुनें मां सिद्धिदात्री की ये कथा

Updated at : 08 Oct 2025 3:49 PM (IST)
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Maa Siddhidatri Vrat Katha in hindi

मां सिद्धिदात्री की कथा

Navratri Day 9, Maa Siddhidatri Vrat Katha: नवरात्रि के नौवें दिन यानी महा नवमी पर भक्त मां सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं. माना जाता है कि इस दिन उनकी कृपा से सभी सिद्धियां और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं. जानें इस विशेष दिन की व्रत कथा, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है.

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Navratri Day 9, Maa Siddhidatri Vrat Katha: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री देवी दुर्गा का वह रूप है, जो अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य माना जाता है. कथा है कि भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कठोर तपस्या की थी और उनकी कृपा से आठ सिद्धियां प्राप्त कीं. इसी के कारण भगवान शिव का आधा शरीर देवी के रूप में परिवर्तित हो गया, जिससे उन्हें अर्धनारीश्वर के नाम से जाना गया. मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में यह रूप विशेष शक्तिशाली माना जाता है और कहा जाता है कि यह स्वरूप सभी देवताओं के तेज से प्रकट हुआ था.

महिषासुर के अत्याचार और देवी का उदय

पुराणों में वर्णित है कि दैत्य महिषासुर के अत्याचारों से सभी देवता अत्यंत परेशान हो गए थे. उन्होंने भगवान शिव और भगवान विष्णु से सहायता मांगी. उस समय वहां उपस्थित सभी देवताओं की शक्तियों का तेज एकत्रित हुआ और एक दिव्य शक्ति का निर्माण हुआ. इसी शक्ति से उत्पन्न हुई देवी को सिद्धिदात्री कहा गया. उनका नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वे अपने भक्तों को सिद्धियां और आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

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भगवान शिव पर मां की कृपा

कथा के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की कृपा से न केवल भगवान शिव ने आठ सिद्धियां प्राप्त कीं, बल्कि उनके तप और भक्ति से ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन का संचार हुआ. यही कारण है कि नवरात्रि के नौवें दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.

महानवमी पर पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना करने से घर में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और बल की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही सभी बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. इसलिए महानवमी के दिन भक्तजन उनकी विधिपूर्वक पूजा करते हैं और विशेष भोग, हवन और आरती अर्पित करते हैं.

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सिद्धिदात्री से मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ

मां सिद्धिदात्री का यह दिव्य रूप न केवल शक्ति और सिद्धियों का प्रतीक है, बल्कि सभी भक्तों के लिए धैर्य, समर्पण और भक्ति का मार्गदर्शन भी करता है. नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर उनकी पूजा करने से जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक परिवर्तन लाने की मान्यता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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