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गांव में ही मिलेगी डिग्री और रोजगार, झारखंड सरकार शुरु करेगी ये कोर्स

Updated at : 18 Feb 2026 5:12 PM (IST)
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Jharkhand Government

झारखंड सरकार पंचायत सचिवालयों में चलायेगी जॉब ओरिएंटेड कोर्स, Pic Credit- Chatgpt AI

Jharkhand Government: झारखंड सरकार ने गांवों में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब राज्य के पंचायत सचिवालयों का उपयोग 'स्टडी सेंटर' के रूप में किया जाएगा, जहां झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजीडीएम (PGDM) कोर्स संचालित होंगे.

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Jharkhand Government, रांची: उच्च शिक्षा का गांवों में विस्तार करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने पंचायत सचिवालयों में जॉब ओरिएंटेड कोर्स चलाने का निर्णय लिया है. इसके लिए उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है. इसके तहत अब राज्य के सरकारी विवि/अंगीभूत कॉलेज अपने नजदीकी पंचायत सचिवालय का उपयोग करेंगे. संबंधित विवि/कॉलेज इस सचिवालय का उपयोग स्टडी सेंटर के रूप में करेंगे.

हर रोज कॉलेज नहीं जा पाने लोग इस कोर्स के जरिये पा सकेंगे रोजगार

उक्त गांव/पंचायत के वैसे युवक/युवती जो प्रतिदिन किसी कारणवश कॉलेज नहीं आ पाते हैं, वे इस सचिवालय में जॉब ओरिएंटेड कोर्स पूरा कर स्वरोजगार या फिर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे. इस कार्य के लिए झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी का सहयोग लिया जायेगा. झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी उक्त स्टडी सेंटर में सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/पीजीडीएम कोर्स का संचालन करायेगी. इसे कारगर बनाने के लिए सभी पंचायत सचिवालय में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दुरुस्त किया जायेगा.

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पठन-पाठन के लिए राज्य सरकार उपलब्ध करायेगी राशि

पठन-पाठन के लिए संबंधित कॉलेज को राज्य सरकार राशि उपलब्ध करायेगी. कोर्स के संचालन के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जायेगा. पंचायत सचिवालय का उच्च शिक्षा के स्टडी सेंटर के रूप में उपयोग करने के लिए झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल (जेएसएचइसी) की पिछले दिनों हुई बैठक में भी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गयी है.

वर्तमान में सरकारी योजनाओं का होता है क्रियान्वयन

झारखंड के लगभग 4325 से अधिक पंचायत सचिवालयों में वर्तमान में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. मुखिया के नेतृत्व में ग्राम विकास और प्रशासन का यह मुख्य केंद्र है. इसके प्रमुख कार्यों में मनरेगा, पीएम आवास, वृद्धावस्था पेंशन लागू करना, ग्रामसभा की बैठकें आयोजित करना, कागजात का रख-रखाव, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना, गांवों में पेयजल-स्वच्छता अभियान सुनिश्चित करना आदि शामिल हैं. इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी विकास कार्यों की निगरानी करना भी शामिल है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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