मासिक दुर्गाष्टमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त व विधि

Updated at : 05 Feb 2025 8:11 AM (IST)
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Masik Durgashtami February 2025

Masik Durgashtami February 2025

Masik Durgashtami February 2025: हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत आयोजित किया जाता है. इस दिन माता दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है. दुर्गाष्टमी का व्रत करने वाले भक्तों पर मां अंबे की विशेष कृपा बरसती है. इस दिन देवी दुर्गा की उपासना करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं.

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Masik Durgashtami February 2025: हिंदू धर्म के शास्त्रों में मासिक दुर्गाष्टमी का दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है. यह दिन माता दुर्गा को समर्पित है. हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत आयोजित किया जाता है. इस दिन माता दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा और उपासना की जाती है. जो लोग दुर्गाष्टमी का व्रत करते हैं, उन पर मां की विशेष कृपा बनी रहती है और उनके घर में सुख-शांति का वास होता है. मासिक दुर्गाष्टमी के अवसर पर माता की पूजा के साथ-साथ उनका ध्यान भी किया जाता है, जिससे जीवन में कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता.

आज मनाई जा रही है मासिक दुर्गाष्टमी

पंचांग के अनुसार, आज 05 फरवरी (मासिक दुर्गाष्टमी 2025 की तिथि) को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत मनाया जा रहा है. इस दिन भक्तजन सुख और समृद्धि की वृद्धि के लिए व्रत रखते हैं. माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर दस महाविद्याओं में से आठवीं देवी मां बगलामुखी की पूजा करने का विशेष महत्व है.

आज भीष्म अष्टमी पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

पूजा के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 05:22 am से 06:15 am
  • प्रातः सन्ध्या- 05:48 am से 07:07 am
  • अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
  • विजय मुहूर्त- 14:25 से 15:09
  • गोधूलि मुहूर्त- 18:01 से 18:27
  • सायाह्न सन्ध्या- 18:04 से 19:22
  • अमृत काल- 16:00 से 17:31
  • निशिता मुहूर्त- 00:09 am, फरवरी 06 से 01:01 am, फरवरी 06
  • सर्वार्थ सिद्धि योग- 20:33 से 07:06 am, फरवरी 06
  • रवि योग- 20:33 से 07:06 am, फरवरी 06

पूजा विधि

  • मासिक दुर्गाष्टमी के अवसर पर प्रात: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना आवश्यक है.
  • इसके पश्चात माता दुर्गा का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
  • मंदिर की सफाई का कार्य करना चाहिए.
  • इसके बाद मंदिर में एक चौकी स्थापित करनी चाहिए, जिस पर लाल रंग का स्वच्छ कपड़ा बिछाना चाहिए.
  • फिर माता दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को चौकी पर स्थापित करना चाहिए.
  • पूजा के दौरान देवी मां को सोलह श्रृंगार की सामग्री, लाल चुनरी, लाल रंग के फूल आदि अर्पित करने चाहिए.
  • मां दुर्गा की आरती और उनके मंत्रों का जाप करना अनिवार्य है.
  • अंत में मां दुर्गा की आरती करके प्रसाद का वितरण करना चाहिए.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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