Grahan 2026: नए साल के ग्रहण की डेट जानने के साथ जानें ग्रह दोष शांत करने के आसान तरीके

Updated at : 20 Nov 2025 9:19 AM (IST)
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Grahan 2026: remedies during solar and lunar eclipse

ग्रहण के दौरान करें ये उपाय और मंत्र जाप

Grahan 2026: नए साल 2026 में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण की तिथियों को जानना जरूरी है, क्योंकि ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का समय बेहद संवेदनशील माना जाता है. साथ ही, यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह दोष है, तो कुछ आसान उपाय अपनाकर आप उसका प्रभाव कम कर सकते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ा सकते हैं.

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Grahan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्रों की तरह ग्रहण भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. जब सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ती है, तो इसे सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि ऊर्जा में बदलाव का समय माना जाता है. कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण और व्यक्ति दोनों पर सूक्ष्म प्रभाव पड़ते हैं.

साल 2026 में कितने ग्रहण लगेंगे?

2025 की तरह ही 2026 में भी कुल चार ग्रहण लगेंगे—दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण. इसके अलावा, 2026 का साल एक और कारण से खास रहेगा—इस दौरान दुर्लभ ‘फुल ब्लड मून’ भी दिखाई देगा, जो चंद्रमा को गहरे लाल रंग में बदलते हुए देखने का अनोखा मौका देगा.

2025 में भी दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण लगे थे

पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21 सितंबर को लगा, पर भारत में दिखाई नहीं दिया. पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को और दूसरा 7 सितंबर को पड़ा. दूसरा चंद्र ग्रहण भारत सहित यूरोप, अमेरिका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में दिखाई दिया था. 2026 में भी इसी तरह ग्रहणों का सिलसिला रहेगा और इनमें से कुछ भारत में भी दिखाई दे सकते हैं, जिससे लोग आसानी से इसका अनुभव कर सकेंगे.

ग्रहण क्यों माना जाता है संवेदनशील समय?

ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के दौरान ऊर्जा में तेजी से बदलाव होता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष हो, तो इस समय किए गए उपाय बेहद लाभकारी माने जाते हैं. ग्रहण का समय मन को शांत करने, नकारात्मकता कम करने और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने का उत्तम अवसर माना जाता है.

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ग्रहण के दौरान करें ये मंत्र जाप

ग्रह दोष शांत करने के लिए सबसे आसान और प्रभावशाली उपाय है—मंत्र जाप.

  • शनि दोष: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
  • राहु दोष: “ॐ राहवे नमः”
  • केतु दोष: “ॐ केतवे नमः”

नियमित जाप से मन शांत होता है और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.

ग्रहण के दौरान करें ये दान

  • ग्रहण के समय किया गया दान कई गुना फल देता है.
  • शनि दोष: काला तिल, काला कपड़ा, लोहे की वस्तुएं
  • राहु-केतु दोष: नीले फूल, उड़द दाल, नारियल
  • ध्यान रखें, दान हमेशा जरूरतमंद व्यक्ति को ही दें.

ग्रहण के दौरान दीपक जलाना

सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाने से माहौल में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है.

ग्रहण के दौरान ध्यान और प्रार्थना

10–15 मिनट का ध्यान मन को स्थिर करता है. भगवान शिव, भगवान विष्णु या अपने इष्टदेव का ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और ग्रह दोष का असर भी कम होता है.

सूर्य को जल अर्पित करना

सुबह सूर्यदेव को जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है. हल्दी, लाल फूल या अक्षत मिलाने से ग्रहों की स्थिति संतुलित होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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