Paush Pitru Paksha 2025: पौष पितृपक्ष और गया श्राद्ध, पितरों की मुक्ति का विशेष काल

Published by : Shaurya Punj Updated At : 13 Dec 2025 2:39 PM

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पौष पितृपक्ष 2025

Paush Pitrupaksha 2025: शास्त्रों में पौष पितृपक्ष को पितरों की मुक्ति का विशेष काल माना गया है. इस दौरान गया में किया गया श्राद्ध और पिंडदान अत्यंत फलदायी होता है. जानें पौष पितृपक्ष का महत्व, शुभ तिथियां और धार्मिक मान्यताएं.

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डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

पौष पितृपक्ष (गयाजी) : 5-19 दिसंबर

Paush Pitru Paksha 2025: सनातन परंपरा में गया को पितृ मोक्ष की सबसे पवित्र नगरी माना गया है. अष्टादश पुराणों में मोक्षदायक माने गए वायु पुराण के साथ-साथ अग्नि, वाराह, विष्णु और स्कंद पुराण में भी स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि गया तीर्थ में वर्ष के किसी भी समय श्राद्ध और पिंडदान किया जा सकता है. हालांकि, कुछ विशेष कालखंड ऐसे माने गए हैं, जिनमें यहां किया गया पितृकर्म अत्यंत फलदायी होता है.

पितृपक्ष ही नहीं, वर्ष में चार विशेष काल

आमतौर पर पितृपक्ष को ही श्राद्ध का प्रमुख समय माना जाता है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या तक चलता है. लेकिन शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा से पौष अमावस्या तक का समय भी गया में पिंडदान के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है. इसी वजह से इसे ‘मिनी पितृपक्ष’ कहा जाता है. इसके अलावा फाल्गुन पूर्णिमा से चैत्र अमावस्या और ज्येष्ठ पूर्णिमा से आषाढ़ अमावस्या तक की अवधि भी पितृकर्म के लिए उत्तम मानी गई है. इस तरह शास्त्रों में पितरों के लिए वर्ष में चार विशेष पक्ष स्वीकार किए गए हैं.

96 तिथियां जो पितरों के लिए मानी गईं श्रेष्ठ

धर्मग्रंथों के अनुसार एक वर्ष में कुल 96 तिथियां ऐसी हैं, जिन्हें पितरों के तारण के लिए सबसे उपयुक्त बताया गया है. इनमें 12 अमावस्या, 14 युगादि तिथि, 14 मन्वादि तिथि, 12 संक्रांति, 12 वैधृति योग, 12 व्यतिपात योग, 15 महालया, पांच अष्टका, पांच अनविष्टका और पांच पूर्वेधु शामिल हैं.

सूर्य-गोचर और गया तीर्थ का महत्व

वायु पुराण में बताया गया है कि जब सूर्य मीन, मेष, कन्या, धनु या वृष राशि में होते हैं, तब गया तीर्थ का महत्व और बढ़ जाता है. ऋषियों का भी मत है कि तीनों लोकों में गया का पिंडदान अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायक है. पौष मास का नाम चंद्रमा के पुष्य नक्षत्र में होने से पड़ा है और इसी महीने में खरमास भी लगता है. यह समय भगवान विष्णु और सूर्य की आराधना के लिए भी श्रेष्ठ माना गया है.

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पौष अमावस्या और खरमास का विशेष योग

विद्वान पंडितों के अनुसार पौष मास का पितृपक्ष पितरों के लिए अत्यंत कल्याणकारी होता है, लेकिन इसकी अमावस्या का महत्व और भी बढ़ जाता है. पंडित कामेश्वर मिश्र शास्त्री बताते हैं कि 16 दिसंबर से सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ खरमास शुरू होता है. इस दौरान पितृ-पूजन अधिक प्रभावशाली माना गया है. मकर संक्रांति पर गंगासागर जाने वाले श्रद्धालु भी गया में पिंडदान करके ही आगे बढ़ते हैं.

गया में उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था

स्थानीय गयापाल विप्रों के अनुसार पौष पितृपक्ष में नेपाल, उत्तर भारत, पूर्वोत्तर राज्यों के साथ महाराष्ट्र और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं. मान्यता है कि इस मास में जिन पितरों का पिंडदान होता है, उन्हें शीघ्र बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है. पितृदोष के शमन के लिए यह समय विशेष फलदायी माना गया है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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