Chanakya Niti: दुश्मन किसी भी रूप में आपको कर सकता है परेशान, जानिए परास्त करने की चाणक्य नीति...

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Chanakya Niti Hindi: दुश्मन को कभी भी अपने से कमजोर नहीं मानना चाहिए. दुश्मन से हर व्यक्ति को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. दुश्मन कभी भी अटैक कर सकता है. इस दौरान हर व्यक्ति का दुश्मन कोरोना वायरस बन गया है. कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपना शिकार बना रहा है. चाणक्य ने कहा है कि जब दुश्मन सामने से वार न करें और इधर उधर से हमला करे तो व्यक्ति को सर्तक हो जाना चाहिए.

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Chanakya Niti Hindi: दुश्मन को कभी भी अपने से कमजोर नहीं मानना चाहिए. दुश्मन से हर व्यक्ति को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. दुश्मन कभी भी अटैक कर सकता है. इस दौरान हर व्यक्ति का दुश्मन कोरोना वायरस बन गया है. कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपना शिकार बना रहा है. चाणक्य ने कहा है कि जब दुश्मन सामने से वार न करें और इधर उधर से हमला करे तो व्यक्ति को सर्तक हो जाना चाहिए.

इसका सबसे अच्छा तरीका यही है कि व्यक्ति को स्वयं को ऐसे सुरक्षा घेरे में कैद कर लेना चाहिए, जिससे उसके हमले की शक्ति क्षीण हो जाए. ऐसे में उस सुरक्षा घेरे को छोड़कर बाहर नहीं निकलना चाहिए. चाणक्य के अनुसार दुश्मन कितना भी कमजोर दिखाई दे तो उससे लड़ने की रणनीति बदल लेनी चाहिए. कोरोना वायरस भी इसी तरह का दुश्मन है, जो तेजी से लागों का अपना शिकार बना रहा है.

लोगों से दूरी बना लें

चाणक्य ने अपने चाणक्य नीति में बताया है कि शत्रु जब छिपकर हमला कर रहा हो और उसकी दिशा और दशा का आभास लगा पाना मुश्किल होता है. इस दौरान दूसरे लोगों से दूरी बना लेने में ही समझदारी है. हमेशा शत्रु से बचकर ही रहना चाहिए. शत्रु किसी भी रूप में लोगों को पीड़ित कर सकता है. इसलिए खुद को दूसरों से छिपाते हुए शत्रु को पराजित करने की योजना पर कार्य करना चाहिए. इस दौरान कोरोना वायरस सभी लोगों का दुश्मन बन गया है. हमे कोरोना वायरस से बचने के लिए अपना ही रास्ता बदल लेना चाहिए.

दुश्मन को पराजित करने के लिए सेहत सही होना चाहिए. क्योंकि किसी भी युद्ध में शरीर का स्वस्थ्य रहना बहुत ही जरूरी होता है. इस लिए दुश्मन से लड़ने के लिए खान-पान पर ध्यान देना चाहिए. जब सेहत ठीक रहेगा तो दिमाग भी काम करेगा, इसलिए व्यक्ति को निरंतर अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अच्छी भोजन का चुनाव करना चाहिए. क्योंकि प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने से ही शत्रु को पराजित किया जा सकता है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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