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चैत्र नवरात्रि 2025 किस पर विराजमान होकर आएंगी मां दुर्गा, जानें क्या है इसका संकेत

Updated at : 24 Mar 2025 5:35 PM (IST)
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Chaitra Navratri 2025 mata ka vahan importance (AI Generated Image)

Chaitra Navratri 2025 mata ka vahan importance (AI Generated Image)

Chaitra Navratri 2025: पंचांग के अनुसार, इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का आरंभ 30 मार्च, रविवार से हो रहा है. आइए, इस अवसर पर माता की इस सवारी के महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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Chaitra Navratri 2025: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है. इसके साथ ही, हर वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, माता की सवारी का महत्व अत्यधिक होता है. आइए, हम जानते हैं कि मां अंबे के इस वाहन का क्या अर्थ है.

इस बार क्या है मां दुर्गा का वाहन

इस बार की नवरात्रि का महत्व इस कारण भी बढ़ गया है क्योंकि मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. इसे एक शुभ संकेत माना जाता है. मां दुर्गा का हाथी पर आना और जाना, दोनों ही शुभ माने जाते हैं. आइए, हम मां अंबे के इस वाहन के अर्थ को समझते हैं.

चैत्र नवरात्रि 2025 की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

माता दुर्गा के हाथी वाहन का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि के आरंभ और समापन के दिन के आधार पर माता दुर्गा का वाहन निर्धारित होता है. इस वर्ष नवरात्रि रविवार से प्रारंभ होकर सोमवार को समाप्त हो रही है. इस नियम के अनुसार, रविवार को आगमन और सोमवार को प्रस्थान का अर्थ है कि माता दुर्गा हाथी पर सवार होंगी. भागवत पुराण में भी माता की हाथी पर सवारी को अत्यंत शुभ माना गया है. यह वाहन सुख, समृद्धि, शांति और आर्थिक विकास का प्रतीक है. कहा जाता है कि जब माता हाथी पर आती हैं, तो देश में अच्छी वर्षा होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे फसलें अच्छी होती हैं और धन-धान्य के भंडार भर जाते हैं.

चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथियां

प्रतिपदा (कलश स्थापना) – 30 मार्च 2025, रविवार
मां शैलपुत्री की पूजा इस दिन की जाएगी

द्वितीया – 31 मार्च 2025, सोमवार
मां ब्रह्मचारिणी की आराधना का दिन

तृतीया – 1 अप्रैल 2025, मंगलवार
मां चंद्रघंटा की पूजा इस दिन होती है

चतुर्थी – 2 अप्रैल 2025, बुधवार
मां कूष्मांडा की आराधना का समय

पंचमी – 3 अप्रैल 2025, गुरुवार
मां स्कंदमाता की पूजा का दिन

षष्ठी – 4 अप्रैल 2025, शुक्रवार
मां कात्यायनी की आराधना इस दिन की जाती है

सप्तमी – 5 अप्रैल 2025, शनिवार
मां कालरात्रि की पूजा का अवसर

अष्टमी – 6 अप्रैल 2025, रविवार
मां महागौरी की आराधना इस दिन होती है

नवमी – 7 अप्रैल 2025, सोमवार
मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ नवरात्रि का समापन

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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