होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव: ईरान ने दागे ड्रोन, तो अमेरिका ने तबाह किया रडार ठिकाना, ट्रंप बोले- ईरान की सैन्य ताकत हुई कमजोर

Updated:
विज्ञापन

यूएस सेंट्रल कमांड से उड़ान भरता एक फाइटर जेट. फोटो- एक्स (Centcom).

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Iran Hormuz Strait US Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर भेजे गए ईरानी ड्रोन को अमेरिका ने मार गिराने का दावा किया है. इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार ठिकानों पर हमला किया. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया है.

विज्ञापन

Iran Hormuz Strait US Attack: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक नया सैन्य टकराव देखने को मिला. अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान की ओर से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की दिशा में कई ड्रोन भेजे गए, जिन्हें समय रहते मार गिराया गया. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के तटीय निगरानी रडार केंद्रों पर जवाबी कार्रवाई की. वहीं ईरान ने भी अपनी ओर से अटैक का दावा किया है. 

विज्ञापन

होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे थे ड्रोन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, शनिवार को कम से कम चार एकतरफा हमला करने वाले ईरानी ड्रोन को अमेरिकी बलों ने नष्ट कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन ड्रोन का संभावित निशाना या तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाज थे या फिर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य संसाधन. सेंटकॉम ने बयान जारी कर कहा कि ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे, इसलिए उन्हें मार गिराना जरूरी था.

ड्रोन गिराने के बाद अमेरिका ने की जवाबी कार्रवाई

ड्रोन हमले को विफल करने के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के गोरुक और क़ेश्म द्वीप स्थित तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम आगे किसी भी संभावित हमले को रोकने और समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया. सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क हैं और आत्मरक्षा के तहत किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे.

ईरानी मीडिया ने बताई चेतावनी फायरिंग की बात

उधर, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने भी होर्मुज के आसपास सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी है. एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी बलों ने शनिवार को रणनीतिक जलमार्ग के नजदीक समुद्री क्षेत्र में कई चेतावनी गोलियां दागीं. यह अटैक लारक आईलैंड से थोड़ी दूर पर किया गया. यह ईरान के बड़े बंदरगाह बंदर अब्बास से थोड़ी दूर पर स्थित एक छोटा द्वीप है.

रिपोर्ट में कहा गया कि यह चेतावनी फायरिंग संभवतः उस समय की गई जब अमेरिकी नौसैनिक जहाजों की क्षेत्र में स्थिति बदली जा रही थी. हालांकि, ईरान की ओर से इस बारे में और कोई बड़ी जानकारी सामने नहीं आई है.

संघर्ष विराम के बावजूद नहीं थम रहा तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद तनाव कम होता नहीं दिख रहा है. वॉशिंगटन और तेहरान लगातार एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं. दोनों देशों के बीच समानांतर रूप से कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से जारी टकराव को समाप्त करना है.

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम है यह समुद्री मार्ग

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है. वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या टकराव की खबर दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों और शिपिंग उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है. अगर इस क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ता है तो इसका असर तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है.

ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है. एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को लगभग पूरी तरह तबाह कर दिया गया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान के अधिकांश ड्रोन निर्माण केंद्र, लॉन्चिंग पैड और मिसाइल उत्पादन से जुड़े कई अहम ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तेहरान के पास अब भी कुछ सैन्य क्षमता मौजूद है.

ये भी पढ़ें:- पुतिन का डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब : भारत ने कभी विदेशों के दबाव में फैसले नहीं लिए

ये भी पढ़ें:- खामेनेई के दफ्तर पर हुए हमले से जिंदा निकले थे अराघची, खुद सुनाया किस्सा; बोले- 2 दिन तक सुप्रीम लीडर का पता नहीं चला

अभी भी मौजूद हैं मिसाइल और ड्रोन

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के पास अब भी कुछ मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं, लेकिन उनकी संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो चुकी है. ट्रंप का अनुमान है कि ईरान के मूल मिसाइल भंडार का लगभग 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा अभी भी बचा हुआ है. उन्होंने कहा कि यह संख्या कम नहीं है, लेकिन शुरुआती दौर की तुलना में ईरान की क्षमता काफी घट चुकी है.

बातचीत जारी, लेकिन समाधान अभी दूर

सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधि व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत भी कर रहे हैं. ट्रंप हाल के दिनों में वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दे चुके हैं, लेकिन ईरानी अधिकारियों का रुख इससे अलग दिखाई देता है. तेहरान का कहना है कि बातचीत फिलहाल गतिरोध में फंसी हुई है. ईरानी पक्ष ने अमेरिका पर अपने प्रमुख वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है. इनमें ईरान की जमी हुई विदेशी संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग भी शामिल है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola