पुतिन का डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब : भारत ने कभी विदेशों के दबाव में फैसले नहीं लिए

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (बाएं) के साथ पीएम मोदी (File Photo)

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रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने SPIEF 2026 में कहा कि भारत एक संप्रभु (Sovereignty) देश है और अपने फैसले खुद लेता है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मैसेज देते हुए कहा कि भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का कोई भी बाहरी दबाव असर नहीं डाल सकता.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में भारत को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी विदेशी ताकत के आदेश या दबाव में काम नहीं किया और हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लिए हैं. पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, खासकर डोनाल्ड ट्रंप, भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बना रहे हैं. पुतिन ने साफ कहा कि किसी भी संप्रभु देश के स्वतंत्र फैसलों पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.

पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि भारत कभी किसी दूसरे देश के इशारे पर नहीं चलता. भारत और चीन जैसे देश अपने राष्ट्रीय हितों को देखते हुए खुद फैसले लेते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी संप्रभु देश की आजादी और उसके निर्णय लेने के अधिकार को चुनौती नहीं दी जा सकती.

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भारत पश्चिमी देशों के किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं

SPIEF में दिए गए इस बयान को पुतिन का ‘दावोस का जवाब’ माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले भी पुतिन ने कहा था कि भारत और रूस के रिश्तों को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिशें पूरी तरह बेकार हैं. उन्होंने भारत को रूस का भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि भारत पश्चिमी देशों के किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है. 

यह भी पढ़ें : मोदी पर दबाव बनाना दुनिया के लिए नुकसानदेह, व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ रिश्तों को बताया मजबूत

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर बनाया था दबाव

पिछले साल रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दबाव बनाया था. वॉशिंगटन का दावा था कि रूसी तेल से होने वाली कमाई यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की मदद कर रही है. इसी मुद्दे पर अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था. हालांकि, बाद में इसे घटाकर इस साल 18 फीसदी कर दिया गया. इसके बावजूद भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस के साथ ऊर्जा सहयोग जारी रखा.

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