Tulsi Mala: क्या आप जानते हैं तुलसी माला पहनने के फायदे और साइड इफेक्ट्स, जानें ज्योतिषीय नियम

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 04 Apr 2024 4:50 PM

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तुलसी माला पहनने के फायदे और साइड इफेक्ट्स

Tulsi Mala: तुलसी माला शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है. तुलसी माला पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है और कई सारी बीमारियों में लाभ पहुंचाने के साथ मानसिक तनाव कम करती है.

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Tulsi Mala: हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पूज्यनीय है. शास्त्रों में जितना महत्व तुलसी का है, उतनी ही महत्वपूर्ण तुलसी की लकड़ी से बनी माला है. तुलसी में कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जो बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है. तुलसी की माला भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के भक्त धारण करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस माला को पहनने से आपका मन शांत रहता और आत्म पवित्र होती है. इसके साथ ही तुलसी माला को पहनने से रोगों से छुटकारा मिलता है और कुंडली में बुध-गुरु ग्रह मजबूत होते हैं. तुलसी की माला पहने से वास्तुदोष से भी छुटकारा मिलता है.

विष्णु भक्तों के लिए तुलसी माला महत्वपूर्ण क्यों

पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी को वरदान है कि भगवान विष्णु केवल तुलसी के पत्तों को अर्पण वाली चीजों का प्रसाद ग्रहण करते हैं. उसी तरह जिन लोगों ने तुलसी माला धारण करते है भगवान विष्णु उस व्यक्ति को अपनी शरण में ले लेते हैं. तुलसी की कंठी माला धारण करने से व्यक्ति को वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन तुलसी की माला जाप करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस माला को पहनने से व्यक्ति के जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है और यश और सौभाग्य में वृद्धि होती है. तुलसी माला में दिव्य ऊर्जा में उपचार, उत्थान और शुद्ध करने वाले गुण हैं. तुलसी की माला को धारण करने के लिए इंसान को सात्विक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है.

तुलसी की माला पहनने के फायदे क्या है ?

तुलसी माला शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है. तुलसी माला पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है और कई सारी बीमारियों में लाभ पहुंचाने के साथ मानसिक तनाव कम करती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है और तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र का जाप विशेष फलदाई माना गया है. यदि तुलसी की माला को गले में धारण किया जाए तो मन और आत्मा दोनों पवित्र हो जाते हैं. इसके अलावा मन में सकारात्मक विचारों का संचार बढ़ जाता है.

तुलसी की माला पहनने के क्या है साइड इफेक्ट्स ?

यदि आप तुलसी का माला धारण करने की सोच रहे हैं तो इससे जुड़े नियम भी जान लेना चाहिए. तुलसी की माला को मासिक धर्म के दौरान पहनने से या इसके स्पर्श से मना किया जाता है. यदि आप पीरियड्स के दौरान इस माला को धारण करती हैं तो इसकी पवित्रता कम हो सकती है और इसके नकारात्मक प्रभाव नजर आने लगते हैं. कलह क्लेश हो, हर काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं, शत्रु परेशान करेंगे, मान सम्मान नहीं मिलेगा, बच्चे की बुद्धि का विकास नहीं होगा. अगर आपके विचारों में नकारात्मकता है तो आपको तुलसी की माला पहनने से मना किया जाता है.

तुलसी माला धारण करने के ज्योतिषीय नियम

  • तुलसी माला पहनने का सबसे शुभ समय प्रदोष काल होता है.
  • प्रदोष काल सूर्यास्त से 2 घंटे पहले और दो घंटे बाद का समय होता है.
  • तुलसी की माला धारण करने का शुभ समय प्रदोष काल माना जाता है.
  • तुलसी की माला धारण पूरी तरह शुद्धता से करना चाहिए.
  • तुलसी माला धारण करने के बाद अपने विचार शुद्ध रखने चाहिए.
  • गर्भावस्था के दौरान ये माला धारण नहीं करनी चाहिए.
  • तुलसी की माला को एक बार पहनने के बाद बार-बार उतारना नहीं चाहिए.
  • तुलसी माला धारण करने के बाद रोजाना विष्णु मंत्र का जाप करना चाहिए.
  • तुलसी माला से भगवान विष्णु के मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करना चाहिए.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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