परमा एकादशी 2026: अधिकमास की दुर्लभ एकादशी का महत्व, शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और आध्यात्मिक लाभ

Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Jun 2026 8:28 AM

विज्ञापन

आज इस मुहूर्त में करें परमा एकादशी की पूजा

Parama Ekadashi 2026: परमा एकादशी 2026 अधिकमास में आने वाली अत्यंत पुण्यदायी एकादशी है. जानें इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, पारण समय और धार्मिक महत्व.

विज्ञापन

Parama Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है. यह केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति, पापों के क्षय और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम भी मानी जाती है. इन्हीं एकादशियों में परमा एकादशी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह एकादशी केवल अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आती है, इसलिए इसे दुर्लभ और विशेष फलदायी माना गया है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने से दरिद्रता का नाश होता है, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और स्वर्ण दान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र में भी इसे ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला व्रत बताया गया है.

परमा एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए पूजा और व्रत से जुड़े शुभ समय इस प्रकार हैं—

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 10 जून 2026, दोपहर 12:57 बजे से
  • एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026, रात 10:36 बजे तक
  • मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त: 11 जून, सुबह 10:36 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक
  • व्रत पारण का समय: 12 जून 2026, सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक

धार्मिक दृष्टि से पारण का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. निर्धारित समय में व्रत खोलने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

पद्मपुराण में परमा एकादशी का महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से अधिकमास में आने वाली एकादशी के महत्व के विषय में प्रश्न किया. तब भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि अधिकमास की दोनों एकादशियां—पद्मिनी एकादशी और परमा एकादशी—अत्यंत पुण्यदायी होती हैं.

पद्मपुराण में परमा एकादशी को कमला एकादशी भी कहा गया है. इसमें उल्लेख मिलता है कि कलियुग में एकादशी व्रत ही जीवों को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करने वाला श्रेष्ठ साधन है. भगवान विष्णु के भक्तों को किसी भी परिस्थिति में एकादशी व्रत का त्याग नहीं करना चाहिए.

परमा एकादशी व्रत विधि

शास्त्रों के अनुसार व्रत का पालन विधिपूर्वक करने से विशेष फल प्राप्त होता है.

ये भी पढ़ें: परमा एकादशी 2026 कथा: श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया व्रत का महत्व, जानें सुमेधा-पवित्रा और कुबेर की पौराणिक कथा

दशमी तिथि के नियम

व्रत से एक दिन पूर्व दशमी तिथि को संयमित आहार लेना चाहिए. इस दिन कांसे के बर्तन, उड़द, मसूर, चना, कोदो, साग, मधु, पराया अन्न, दो बार भोजन और दाम्पत्य संबंधों से परहेज करना चाहिए.

एकादशी के दिन क्या करें

  • प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करें.
  • पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और फल अर्पित करें.
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें.
  • यथासंभव निर्जल या फलाहार व्रत रखें.
  • रात्रि जागरण कर भगवान के भजन-कीर्तन करें.

इन कार्यों से बचें

एकादशी के दिन जुआ खेलना, अधिक निद्रा, निंदा, चुगली, क्रोध, असत्य भाषण, हिंसा, चोरी और अन्य अनैतिक कार्यों से दूर रहना चाहिए.

व्रत का धार्मिक और आध्यात्मिक फल

मान्यता है कि जो श्रद्धालु भक्ति भाव से परमा एकादशी का व्रत करते हैं, वे पापों से मुक्त होकर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करते हैं. भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, विधिपूर्वक एकादशी व्रत का पालन करने वाला व्यक्ति विष्णुरूप होकर जीवन्मुक्ति की ओर अग्रसर होता है.

इसके अतिरिक्त, इस व्रत का माहात्म्य पढ़ने और सुनने से भी गोदान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है. यह व्रत न केवल इस लोक में सुख-समृद्धि प्रदान करता है, बल्कि परलोक में भी कल्याणकारी माना गया है.

परमा एकादशी अधिकमास में आने वाली अत्यंत दुर्लभ और शुभ एकादशी है. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना, संयमित जीवनशैली और श्रद्धापूर्वक व्रत पालन से व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति कर सकता है. इसलिए इस पावन अवसर पर विधिपूर्वक व्रत कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करें.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola