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केंद्र सरकार से छह महीने का खाद्यान्न और दाल-चना मांगा, सीएम हेमंत ने केंद्रीय मंत्रालय को लिखा पत्र

Updated at : 26 Jun 2020 1:16 AM (IST)
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केंद्र सरकार से छह महीने का खाद्यान्न और दाल-चना मांगा, सीएम हेमंत ने केंद्रीय मंत्रालय को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत छह माह (जुलाई से दिसंबर) के लिए मुफ्त में खाद्यान्न एवं दाल/चना उपलब्ध कराने की मांग की है

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत छह माह (जुलाई से दिसंबर) के लिए मुफ्त में खाद्यान्न एवं दाल/चना उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि झारखंड में कोविड-19 के संकट को देखते हुए गरीब, असहाय तथा रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले व्यक्तियों के सामने पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना चुनौती है. राज्य में प्रवासी मजदूरों के आने से यह चुनौती और बढ़ गयी है.

ज्यादा से ज्यादा राहत देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रही है कि कोविड-19 के संक्रमण को न्यूनतम किया जाये तथा राज्यवासियों को अधिक से अधिक राहत उपलब्ध करायी जा सके. केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभुकों को अप्रैल से जून की अवधि के लिए मुफ्त में खाद्यान्न एवं अनाज उपलब्ध करा चुकी है.

आंदोलनकािरयों के पांच आश्रितों को लाभ मिलेगा : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड / वनांचल आंदोलनकारियों के मृत्युपरांत उनके आश्रितों को लाभ देने के प्रस्ताव एवं अधिसूचना प्रारूप को स्वीकृति दे दी है. इन चिह्नित पांच आंदोलनकारियों के आश्रितों को प्रावधानों के तहत देय सुविधाएं संबंधित जिला के उपायुक्त द्वारा प्रदान की जायेगी. संबंधित उपायुक्त इन आश्रितों की पहचान करते हुए उन्हें प्रतिमाह देय बकाया सम्मान पेंशन राशि का एकमुश्त भुगतान करेंगे.

प्रत्येक माह का सम्मान पेंशन का उसके अगले माह में प्रथम सप्ताह तक भुगतान किया जायेगा. उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में एक आंदोलनकारी के आश्रित को दोबारा सम्मान पेंशन का भुगतान न हो.

यह लाभ एक अगस्त 2015 अथवा आंदोलनकारी की मृत्यु , जो भी बाद में हो की तिथि से प्रभावी होगा. इनमें गिरिडीह के स्व महादेव सोरेन की आश्रित मंझली देवी, दुमका के स्व हराधन किस्कु की आश्रित फूलमुनि बास्की, राजमहल के स्व बिहारी मंडल की आश्रित तारा देवी, गोड्डा के स्व प्रेमलाल टुडू की आश्रित सरोजिनी मरांडी और स्व द्वारिका प्रसाद साह की आश्रित ललिता देवी शामिल हैं.

राज्यपाल को सीएम ने कोरोना नियंत्रण प्रयास की दी जानकारी : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन में मुलाकात की. यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में कोरोना नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने अनलॉक वन व टू के संबंध में राज्यपाल से चर्चा भी की. साथ ही राज्य के सभी जिलों में कोरोना के संबंध में जानकारी उपलब्ध करायी.

मेडिकल कॉलेजों को 52 सहायक प्राध्यापक जल्द : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी द्वारा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पद पर अनुशंसित 52 अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर स्थापना समिति की बैठक के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. सभी सहायक प्राध्यापकों का पदस्थापन पलामू, दुमका और हजारीबाग के नये मेडिकल कॉलेज तथा एमजीएम जमशेदपुर और पीएमसीएच धनबाद में उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध आनुपातिक रूप से किया गया है.

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