प्रद्युम्न चतुर्थी 2026:  कामदेव का पुनर्जन्म बने प्रद्युम्न, मछली के पेट से चमत्कारी उद्धार और तीन विवाहों की अद्भुत कथा

Edited by Shaurya Punj
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प्रद्युम्न जन्म कथा

Pradyumna Chaturthi 2026: प्रद्युम्न चतुर्थी पर जानें भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न की अद्भुत कथा, कामदेव के पुनर्जन्म का रहस्य, मछली के पेट से उद्धार और उनके तीन विवाहों की रोचक कहानी.

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Pradyumna Chaturthi 2026:  जून माह में आने वाली चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ‘प्रद्युम्न’ शब्द का अर्थ अत्यंत तेजस्वी और ऊर्जा से भरपूर माना गया है. इस दिन की गई आराधना क्रोध, भ्रम और नकारात्मक विचारों को दूर करने में सहायक मानी जाती है.

प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 17 जून 2026, रात 09:38 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 18 जून 2026, शाम 06:58 बजे
  • पूजा का मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 10:58 बजे से दोपहर 01:46 बजे तक

कामदेव का पुनर्जन्म बने प्रद्युम्न

पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रद्युम्न को भगवान कामदेव का अवतार माना जाता है. जब भगवान शिव के क्रोध से कामदेव भस्म हो गए, तब उनकी पत्नी रति ने उनके पुनर्जन्म की प्रार्थना की. भगवान शिव ने वरदान दिया कि कामदेव भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के पुत्र के रूप में पुनर्जन्म लेंगे. रति ने भी मायावती के रूप में जन्म लेकर अपने पति की प्रतीक्षा की.

मछली के पेट से मिला जीवनदान

प्रद्युम्न के जन्म के बाद राक्षस शंबरासुर ने भविष्यवाणी के डर से उनका अपहरण कर लिया और समुद्र में फेंक दिया. एक विशाल मछली ने उन्हें निगल लिया. बाद में वह मछली शंबरासुर की रसोई में पहुंची, जहां मायावती ने उसके पेट से जीवित शिशु प्रद्युम्न को बाहर निकाला. नारद मुनि ने मायावती को बताया कि यही उनके पूर्व जन्म के पति कामदेव हैं.

मायावती से पहला विवाह

युवावस्था में प्रद्युम्न ने अपनी वास्तविक पहचान जानी और शंबरासुर का वध किया. इसके बाद उन्होंने मायावती से विवाह किया. यह विवाह कामदेव और रति के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है.

रुक्मवती और प्रभावती से हुए अन्य विवाह

प्रद्युम्न की दूसरी पत्नी रुक्मवती थीं, जो उनके मामा रुक्मी की पुत्री थीं. स्वयंवर में रुक्मवती ने प्रद्युम्न को पति के रूप में चुना. उनकी तीसरी पत्नी प्रभावती थीं, जो असुर राजा वज्रनाभ की पुत्री थीं. प्रभावती प्रद्युम्न से प्रेम करने लगीं और उनके साथ विवाह करने के लिए उन्होंने अपने पिता का विरोध किया. बाद में प्रद्युम्न ने वज्रनाभ को युद्ध में पराजित कर प्रभावती से विवाह किया.

ये भी पढ़ें: क्यों मनाई जाती है प्रद्युम्न चतुर्थी? जानें भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र की अद्भुत पौराणिक कथा

क्या सीख देती है प्रद्युम्न की कथा?

प्रद्युम्न का जीवन साहस, प्रेम, पुनर्जन्म और नियति की अद्भुत कहानी है. उनकी कथा बताती है कि सच्चा प्रेम और धर्म अंततः हर बाधा पर विजय प्राप्त कर लेते हैं.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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