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Indian Navy: पृथ्वी का सबसे दुर्गम इलाका, जहां पहुंच गई नौसेना की दो वीरांगनाएं

Updated at : 20 Apr 2025 11:51 AM (IST)
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Indian Navy: पृथ्वी का सबसे दुर्गम इलाका, जहां पहुंच गई नौसेना की दो वीरांगनाएं

Indian Navy: भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारियों ने विशेष उपलब्धि हासिल की है. एक साहसिक मिशन में इन अधिकारियों ने प्रशांत महासागर के बीच में स्थित सूनसान जगह पॉइंट नीमो (Point Nemo) को पार किया. इसे पृथ्वी की सबसे दुर्गम जगह और महासागर का पोल का जाता है.

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Indian Navy: पॉइंट नीमो पृथ्वी का सबसे सूनसान इलाका है. यहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल है. आश्चर्यजनक बात ये है कि यहां से सबसे नजदीक इंसानी बस्ती लगभग 2700 किलोमीटर दूर है. जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) मात्र 400 किलोमीटर दूर है. लेकिन धरती से दूर प्रशांत महासागर के बीचो-बीच स्थित इस जगह को भारतीय नौसेना की दो वीरांगनाओं ने पार करके इतिहास रचा है. तीन माह पहले एक साहसिक कारनामे के तहत लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेट कमांडर रूपा ए. ने 30 जनवरी 2025 को दोपहर 12.30 बजे पॉइंट नीमो में प्रवेश किया. यहां से पानी के नमूने लिए और वापस लौट आयी.

नाविका सागर (Navika Sagar) मिशन-2

नाविका सागर परिक्रमा 2 मिशन के तहत 2 अक्तूबर 2024 को भारतीय नौसेन के शिप आईएनएसवी तारिणी (INSV Tarini) से लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. ने अपनी यात्रा शुरू की थी. गोवा से चलकर दोनों महिला अधिकारी 22 दिसंबर को न्यूजीलैंड के लिटलटन पोर्ट पहुंची थी. इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के पोर्ट स्टेनली फॉकलैंड द्वीप समूह पहुंचकर पॉइंट नीमों के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी. इसी दौरान दोनों अधिकारियों ने पॉइंट नीमो को पार किया.

पॉइंट नीमो (Point Nemo) मिशन क्यों

पॉइंट नीमो मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है कि यहां की पारिस्थिकी के बारे में जानकारी मिल सके. लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. ने अपने मिशन के दौरान यहां से पानी के नमूने इकठ्ठे किए. जिन पर राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान शोध करेगा. इससे पॉइंट नीमो और आसपास की वृहद जानकारी मिल सकेगी. इस पानी का परीक्षण राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान करेगा. इसे अभियान को नौसेना की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की बनेगा कब्रगाह

पॉइंट नीमो की गहराई लगभग 4 हजार मीटर बताई जाती है. अब तक पॉइंट नीमों में 250 से अधिक सेटेलाइट को डुबोया जा चुका है. 109 मीटर लंबे, 419725 किलोग्राम के अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन को भी पॉइंट नीमो में ही दफन किया जाएगा. इसकी घोषणा अमेरिका कर चुका है. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन 25 साल से लगातार सक्रिय है. ये वर्ष 2031 में रिटायर होगा.

क्या है पॉइंट नीमो

पॉइंट नीमो (Point Nemo) प्रशांत महासागर के बीच में स्थित एक जगह का नाम है. इसकी खोज खोज एक इंजीनियर हर्वोज लुकाटेल (Hrvoje Lukatela) ने वर्ष 1992 में की थी. यह जगह दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच स्थित है. पॉइंट नीमो के सबसे निकटम जमीन उत्तर में ड्यूसी द्वीप है. जो लगभग 2688 किलोमीटर दूर है. जमीन से अधिकतम दूरी होने के कारण इसे जैविक रेगिस्तान भी कहा जाता है.

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Amit Yadav

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By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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