भारी जुर्माने का दर्द
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Sep 2019 4:34 AM
परिवहन नियमों के उल्लंघन पर जनता को दर्द मिलना ही चाहिए, लेकिन सरकार तो उसे घायल ही किये दे रही है, या कहें तो पूरी तरह बर्बाद कर देने पर तुली हुई है. आश्चर्य की बात है कि जुर्माने की राशि दस गुणा होते ही ट्रैफिक पुलिस कैसे इतनी रेस हो गयी. यही तेजी या […]
परिवहन नियमों के उल्लंघन पर जनता को दर्द मिलना ही चाहिए, लेकिन सरकार तो उसे घायल ही किये दे रही है, या कहें तो पूरी तरह बर्बाद कर देने पर तुली हुई है. आश्चर्य की बात है कि जुर्माने की राशि दस गुणा होते ही ट्रैफिक पुलिस कैसे इतनी रेस हो गयी. यही तेजी या मुस्तैदी पहले वाले कम जुर्माने में भी पुलिस दिखाती थी, तो ऐसा नहीं था कि नियमों के उल्लंघन करने वालों की धड़कने तेज नहीं होती थी या भय नहीं होता था. डर तो लगा ही रहता था. क्या ट्रैफिक पुलिस से लैस चौक चौराहों पर बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट लगाये कोई गुजरने का साहस करता था?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










