ePaper

Waqf Bill : कानून बनने से एक कदम दूर, वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास

Updated at : 04 Apr 2025 6:12 AM (IST)
विज्ञापन
Waqf Bill : कानून बनने से एक कदम दूर, वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू राज्यसभा में

Waqf Bill : संसद ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी दी. राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, वहीं 95 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट किया. अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ये कानून का रूप ले लेगा. जानें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने क्या कहा.

विज्ञापन

Waqf Bill : राज्यसभा ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को लंबी चर्चा के बाद पास कर दिया. 95 के मुकाबले 128 मतों से इसे मंजूरी दी गई. इस विधेयक के बारे में सरकार ने दावा किया कि इसके कारण देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों के अलावा इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधाार लाने में काफी मदद मिलेगी. इसी के साथ संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को मंजूरी प्रदान कर दी. लोकसभा ने बुधवार देर रात करीब दो बजे इन्हें पारित किया था. राज्यसभा ने विपक्ष द्वारा लाये गये कई संशोधनों को खारिज कर दिया.

आज देश में कुल 8.72 लाख वक्फ़ संपत्ति : किरेन रीजीजू

राज्यसभा में विधेयक पर तेरह घंटे से अधिक हुई चर्चा का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि 2006 में 4.9 लाख वक्फ़ संपत्ति देश में थीं. इनसे कुल आय मात्र 163 करोड़ रुपये की हुई, वहीं 2013 में बदलाव करने के बाद भी आय महज तीन करोड़ रुपये बढ़ी. उन्होंने कहा कि आज देश में कुल 8.72 लाख वक्फ़ संपत्ति हैं. उन्होंने कहा कि विधेयक में वक्फ संपत्ति को संभालने वाले मुतवल्ली, उसके प्रशासन और उस पर निगरानी का एक प्रावधान है. रीजीजू ने कहा, ‘‘किसी भी तरीके से सरकार वक्फ संपत्ति का प्रबंधन नहीं करती और उसमें हस्तक्षेप नहीं करती.’’

जेपीसी की रिपोर्ट के अनुसार विधेयक में कई बदलाव किए :  किरेन रीजीजू

रीजीजू ने कहा कि इस विधेयक के जरिये वक्फ मामलों में मुसलमानों के अलावा किसी अन्य का हस्तक्षेप नहीं होगा और इस बारे में जो भी भ्रांतियां फैलायी जा रही हैं, वे निराधार हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने जेपीसी की रिपोर्ट के अनुसार विधेयक में कई बदलाव किए हैं इनमें जिलाधिकारी से ऊपर के रैंक का कोई अधिकारी वक्फ घोषित की गयी सरकारी जमीन की जांच करने का सुझाव शामिल है. विधेयक पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने यह प्रश्न उठाया कि कैसे और कौन तय करेगा कि यह व्यक्ति मुसलमान है. उन्होंने कहा कि अभी यह जैसे तय होता है कि व्यक्ति का क्या धर्म है, वैसे ही इस मामले में तय होगा.

संसद की मंजूरी एक ‘ऐतिहासिक क्षण’ : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने पर शुक्रवार को प्रसन्नता जताई और कहा कि यह कदम सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के सामूहिक प्रयास की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार होगा जो लंबे समय से हाशिये पर हैं, जिन्हें आवाज उठाने और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है. मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि दशकों से वक्फ प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का पर्याय बन गई है, जिससे विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola