Gupta Empire Golden Age Of India : क्या आप जानते हैं, वह स्तंभ कहां है, जिसने भारत के कई रहस्य को समेटे रखा?

Updated at : 05 Dec 2025 5:33 PM (IST)
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Gupta Empire Golden Age Of India

गुप्त काल भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग

Gupta Empire Golden Age Of India : विश्व इतिहास में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. यही कारण है कि भारत को जीतने और यहां से धन–संपदा लूटने के लिए ना सिर्फ ईसा पूर्व सिकंदर महान ने भारत का रुख किया, बल्कि बाद के वर्षों में मोहम्मद गोरी, महमूद गजनवी और अंग्रेजों ने भी हमला किया था. भारत की सभ्यता बहुत पुरानी है, लेकिन यहां इतिहास लिखने की परंपरा अपेक्षाकृत कम थी, जिस वजह से हमें इतिहास की जानकारी कम मिलती है. प्राचीन इतिहास में अगर जाएं, तो सम्राट अशोक के बाद गुप्त काल के शासकों ने ही अपनी भावी पीढ़ी के लिए कुछ प्रमाण छोड़े जिनके जरिए उस काल को समझा जा सकता है.

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Gupta Empire Golden Age Of India : गुप्त काल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है. यह काल था चौथी शताब्दी से छठी शताब्दी के बीच का जो लगभग 320 से 550 ईस्वी तक माना जाता है. इस दौर में भारतीय सभ्यता ऊंचाई पर थी. राजनीति, कला, संस्कृति, विज्ञान, गणित और स्थापत्य के क्षेत्र में  भारतीय सभ्यता को यूरोप भी टक्कर नहीं दे पा रहा है. इस काल ने हमें आर्यभट्ट का शून्य और कालिदास का अभिज्ञान शकुंतलम्‌ भी दिया है.

गुप्त काल भारतीय इतिहास के लिए इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि इसने हमें कई ऐसे सबूत दिए जिनके आधार पर भारतीय इतिहास को और भी बेहतर ढंग से समझा जा सके. गुप्त काल का एक ऐसा ही शिलालेख आज भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था, वहां मौजूद है. यह शिलालेख गुप्तकाल के महान शासक समुद्रगुप्त के समय का है, जिसमें उस वक्त की राजनीति, भारत की सामाजिक व्यवस्था, कला–साहित्य आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.

कहां हैं गुप्तकालीन शिलालेख?

गुप्त कालीन कई शिलालेख बंगाल से काठियावाड़ तक कई इलाकों में मिले हैं. इनकी मदद से गुप्तों के इतिहास की क्रोनोलॉजी को समझना संभव हो पाया. साथ ही हमें उस वक्त की जानकारी भी मिली. गुप्तकालीन शिलालेखों में इलाहाबाद में मौजूद अशोक स्तंभ सबसे प्रमुख सबूत है, जिसपर उस वक्त की तमाम बातें बहुत ही स्पष्टता के साथ लिखी हैं. इस स्तंभ को मौर्य वंश के महान शासक सम्राट अशोक ने स्थापित किया था. इस स्तंभ पर उनके शिलालेख भी मौजूद हैं, बाद में समुद्रगुप्त ने भी इस स्तंभ पर शिलालेख करवाया.

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गुप्तकालीन शिलालेख में क्या बताया गया है?

अशोक स्तंभ पर ऊपर की ओर सम्राट अशोक के शासनकाल की बातें लिखी हुई हैं. उसके बाद इस स्तंभ पर गुप्तकालीन शिलालेख है. जिसमें समुद्रगुप्त के विजय अभियानों, उस वक्त की राजनीति और समाज के बारे में विस्तार से बताया गया है. यह स्तंभ यह बताता है कि गुप्तवंश की स्थापना श्रीगुप्त ने की थी.  हालांकि उसका विस्तार चंद्रगुप्त प्रथम के समय हुआ. चंद्रगुप्त प्रथम समुद्रगुप्त के पिता थे और उन्होंने खुद गद्दी त्यागकर समुद्रगुप्त को सत्ता सौंपी थी. इस शिलालेख में समुद्रगुप्त का स्तुतिगान किया गया है. इसे उनके दरबार में काम करने वाले  हरिषेण ने लिखा है . गुप्त कालीन शिलालेख का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा है, क्योंकि यह हमें भारतीय इतिहास को समझने में मदद करता है.  

भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग किसे कहते हैं?

गुप्तका को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है.

गुप्तवंश की स्थापना किसने की थी?

श्रीगुप्त ने गुप्तवंश की स्थापना की थी.

गुप्त साम्राज्य के किस राजा को भारत का नेपोियन कहा जाता है?

समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा जाता है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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